अर्की के जमरोटी के जगंल में शिकार के दौरान हादसा, खून से लथपथ मिले लक्ष्मीकांत
फॉरेंसिक टीम ने किया मौके का निरीक्षण कर जुटाए साक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की(सोलन)। पुलिस थाना अर्की के तहत जमरोटी (भूमती) क्षेत्र के जंगल में शिकार के दौरान गोली लगने से एक 46 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक व कारतूस को कब्जे में ले लिया है। व्यक्ति की पहचान लक्ष्मीकांत पुत्र नरपत राम निवासी गांव जमरोटी के रूप में हुई है। घटना के समय लक्ष्मीकांत अपने दोस्तों के साथ जंगल में था। लक्ष्मीकांत के बेटे राहुल ने बताया कि बुधवार शाम उसे सूचना मिली कि उसके पिता जंगल में जख्मी हो गए हैं। जब वह ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचा, तो उसके पिता जंगल में खून से लथपथ पड़े थे। उनके कूल्हे के पास गोली लगी थी। ग्रामीण उन्हें चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाए और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घाव गहरे होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जांच और शिकायत में यह हादसा रणजीत सिंह की बंदूक से गोली चलने के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी रणजीत सिंह दिल्ली में रहता है और अकसर गांव आता-जाता रहता था। लक्ष्मीकांत और आरोपी गहरे दोस्त थे और अकसर साथ में शिकार करने जंगल जाया करते थे। बुधवार को भी वे शिकार के लिए ही जंगल गए थे, जहां यह अनहोनी हो गई। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई। स्थानीय प्रशासन ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया, जिसने देर शाम तक जमरोटी के जंगलों में साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी रणजीत सिंह पुत्र दिला राम को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
लक्ष्मीकांत पेशे से दिहाड़ी मजदूरी करता था, जबकि उसके बेटे बाहर काम करते हैं। पुलिस ने शव का आईजीएमसी शिमला में पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि गोली जानबूझकर चलाई गई या यह महज एक दुर्घटना थी।