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मनुष्य सत्संग के सहारे अपने जीवन को बना सकता है सुखमय : आचार्य धर्मवीर

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मझली रिल्ली में भागवत कथा का श्रवण करते हुए स्थानीय लोग। संवाद - फोटो : credit
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बरोटीवाला (सोलन)।
ग्राम पंचायत नालका के मंझली रिल्ली में आयोजित श्रीमद्भावगत कथा में आचार्य धर्मवीर ने कहा कि मनुष्य सत्संग का आसरा लेकर अपनी जीवन को सुखमय बना सकता है। तीसरे दिन की कथा में उन्होंने कहा कि सत्य स्वरूप भगवान को भुला देने वाला व्यक्ति आकृति से तो मनुष्य जैसा लगता है पर वास्तव में पशु तुल्य ही होता है। भगवान ने सुनने के लिए कान दिए, उनसे भगवान की अमृतमय कथा कीर्तन भजन बाणी तो सुनता नहीं और दुनिया भर की और बातें सुनने में ही लगा रहता है। आंखें दी कि उन आंखों से भगवान की छवि निहारने के लिए परंतु मनुष्य पूरा जीवन वासना युक्त चित्र छवियां देखता रहता है। मनुष्य को सत्संग का आसरा लेकर सुखमय जीवन जीने के लिए और आखंड शांति के लिए ईश्वर की शरण लेकर अपना उद्धार करना चाहिए। इसलिए इंद्रियों का संयम रखते हुए भगवान को सदा याद रखना चाहिए और भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि धर्मे मतिरस्तु, भगवति रतिरस्तु, धर्म मे मेरी मति रहे और भगवान आपके चरणों में प्रेम सदा ही बना रहे। आचार्य ने कहा कि बुराइयों से सदा बचें और सन्मार्ग पर चलने का संकल्प ले भागवत कथा प्रवचन सुनना सार्थक होगा।
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