ज्यादा बारिश के कारण पचास प्रतिशत उत्पादन घटा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। बीबीएन में मक्की की कटाई का कार्य शुरू हो गया है। इस बार जून में ही लोगों ने मक्की की बुआई कर दी थी, जिसके चलते फसल जल्दी तैयार हो गई। तेज हवा और बारिश से कई स्थानों पर मक्की गिर गई थी। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा।
बीबीएन में लगभग 5 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती की गई थी। ज्यादा बारिश के कारण उत्पादन पचास फीसदी तक कम रहा। अधिक बारिश से कई जगह मक्की सड़नी शुरू हो गई थी। खेतों में पानी भर जाने से दाने भी ठीक से नहीं बन पाए। शुरू में फसल पर कई प्रकार की बीमारियों का प्रकोप रहा, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
खेड़ा के किसान अवतार सिंह, मझौली के सुच्चा सिंह, ढांग ऊपरली के साध राम, ढाणा के नंबरदार चमन लाल और बीडीसी चेयरमैन गुरबख्श सिंह ने बताया कि इस बार मक्की उम्मीद के अनुसार नहीं हुई। पहले सुंडी ने हमला किया, फिर अधिक बारिश और हवाओं से मक्की खेतों में बिछ गई। लगातार बारिश के कारण मक्की की फसल बढ़ नहीं पाई और खेतों में गलने लगी। करीब 10 फीसदी मक्की में दाना ही नहीं लग पाया। किसानों का कहना है कि इस बार बीज, खाद और कटाई का खर्च भी पूरा नहीं हो पाएगा।
अब किसानों ने कटाई शुरू कर दी है। उनका मानना है कि भले ही दाना न मिले, लेकिन पशु चारे के लिए मक्की काम आएगी। इसी कारण किसान इसे इकट्ठा कर रहे हैं।
कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. संदीप गौतम ने बताया कि अधिक बारिश के कारण मक्की की फसल प्रभावित हुई है। लगातार बारिश से मक्की की ग्रोथ पूरी तरह नहीं हो पाई। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जिनकी मक्की तैयार है, वे इसे तुरंत इकट्ठा कर लें। अगर दोबारा मौसम खराब हुआ तो बची हुई फसल को घर ले जाना कठिन हो जाएगा।