लोगों ने की फूलों की वर्षा, जगह-जगह लगाए गए भंडारे
400 साल पहले उड़ीसा से लाए थे जगन्नाथ की मूर्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिल्ली (मड़ाजी) स्थित 400 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर में रविवार और सोमवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर रथ खींचकर आशीर्वाद लिया और मंदिर के गुड़ीचा मंदिर तक भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। जगन्नाथ मंदिर जीर्णोद्धार कमेटी के सचिव मोहन वर्मा और सदस्य नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि यात्रा 1 फरवरी को विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर से शुरू हुई। रथयात्रा दामकड़ी, मशीवर, जौणाजी, कोटला, नौणी होते हुए जटोली शिव मंदिर पहुंची, जहां रात को विश्राम किया गया। सोमवार सुबह 10:00 बजे यात्रा जटोली मंदिर से पुनः शुरू हुई और दोपहर में 4:00 बजे सोलन शहर, जबकि रात 8:00 बजे रथ यात्रा मंदिर में वापस पहुंची। यात्रा में तरह-तरह की झांकियां रथ के आगे चल रही थीं और भक्तों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा की। मंदिर परिसर में भंडारे भी लगाए गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान की महिमा का गुणगान करते हुए रथों को खींचा। जगन्नाथ मंदिर में स्थित मूर्तियां उड़ीसा के जगन्नाथ पूरी से लाई गई हैं। मंदिर कमेटी ने बताया कि जो लोग जगन्नाथ पूरी की यात्रा नहीं कर पाते, वे शिल्ली में इसी प्रारूप की रथ यात्रा देख सकते हैं।