धुंदन भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। धुंदन स्कूल में बगल्यानी बोली पर भाषा एवं संस्कृति विभाग सोलन के सौजन्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय साहित्यकार डॉ. अशोक कुमार गौतम ने की। जिसके बाद ज्योति व सहेलियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। साहित्यकार नेम चंद ठाकुर ने वर्तमान अर्की जो पहले स्वतंत्र बाघल रियासत के नाम से जानी जाती थी और बाघल रियासत में बोली जाने वाली भाषा बगल्यानी थी, उस पर शोध पत्र का वाचन किया। नेमचंद ठाकुर ने शोध पत्र के माध्यम से अर्की की बगल्यानी बोली का जो इतिहास रहा है उसके बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। शोध पत्र के माध्यम से बताया बागल रियासत की स्थापना कब व किसने की तथा इसकी राजधानी किस किस जगह रही। यहां पर किन-किन राजाओं का राज रहा। अपने शोध पत्र के माध्यम से बताया कि बाघल नाम कैसे पड़ा। साहित्यकार डॉ. हेमराज कौशिक व जागृति कपिल ने शोध पत्र पर परिचर्चा में भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार गौतम की पांच पुस्तकों का विमोचन किया गया। उसके उपरांत कवि यादव किशोर गौतम ने बेल बजी बेल बजी बज्जी बेल बाडिया अमर सिंघा करे आईजा बेल बजी बाडिया पर सुंदर प्रस्तुति दी। जिला भाषा अधिकारी ममता वर्मा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हमारी बोलियां जो आजकल लुप्त हो रही है उनका संवर्धन करना है।