रामशहर-स्वारघाट मार्ग पर मझेड़ के समीप पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से बंद पड़ी सड़क। संवाद
प्रशासन ने किया मौके का निरीक्षण, ग्रामीणों ने खाली किए मकान
प्रभावितों को प्रशासन की ओर से दी फौरी राहत और तिरपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर(सोलन)। रामशहर पंचायत का मझेड़ (बाली) गांव में जमीन धंसने से आठ घरों में दरारें पड़ गई हैं। इसके चलते तहसीलदार ने इस गांव को खाली करा दिया है। तहसीलदार ने मौके पर जाकर पीड़ितों को तीन-तीन हजार रुपये दिए और तिरपाल मुहैया कराया है।
क्षेत्र में बीती रात हुई मुसलाधार बारिश के बाद मंझेड़ गांव का 250 मीटर एरिया धंसने लगा है। रामशहर-स्वारघाट मार्ग पर इस स्थान पर धंस गया है। सड़क पर दरारें आ गई है। गांव के वार्ड पंच राकेश, महेंद्र पाल, श्याम लाल, मोहन लाल, सुरेंद्र पाल, रामलाल, बलदेव और श्याम के मकानों में दरारें आ गई। लोगों ने दरारें देख कर स्वयं ही घर खाली कर दिए हैं। लोगों ने रामशहर में कमरे किराये पर ले लिए हैं। वार्ड सदस्य राकेश ने बताया कि बीती रात हुई तेज बारिश के बाद अचानक उनके घरों में दरारें आ गई हैं। इसके चलते लोगों ने अपना मकान प्रशासन के आने से पहली ही खाली कर दिए थे। मुख्य सड़क रामशहर-स्वारघाट पर भी दरारें आ गई हैं।
प्रशासन की ओर से तहसीलदार परमानंद रघुवंशी ने शुक्रवार को इस क्षेत्र के दौरा किया और वहां पर लोगों को मकान खाली करने को कहा। उन्होंने बताया कि यह गांव धंस रहा है, जिसके चलते गांव में दरारें पड़ गई हैं। लोगों के मकान असुरक्षित हो गए है। इसे देखते हुए उन्होंने लोगों को अपने मकान खाली करने को कहा है। अगर बारिश दोबारा आती है तो मकान ढह भी सकते हैं।
रामशहर-स्वारघाट मार्ग पर मझेड़ के समीप पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से बंद पड़ी सड़क। संवाद