ग्रामीणों को परेशानी से नहीं मिला छुटकारा, कुमारहट्टी में झील से पानी की निकासी के दावे निकले हवा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-रामशहर मार्ग पर कुमारहट्टी में भूस्खलन के कारण बनी कृत्रिम झील के पानी की निकासी को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से 5 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन तमाम दावे केवल कागजी साबित हुए। सोमवार देर शाम भारी-भरकम तैयारियों के बीच शुरू हुआ और स्थानीय विधायक भी मौके पर मौजूद थे लेकिन पानी की निकासी का कार्य महज औपचारिकता बनकर रह गया, जिससे खड्ड किनारे बसे दर्जनों गांवों पर खतरा अभी भी मंडरा रहा है।
प्रशासन के निर्देशों पर गोल जमाला, रडियाली, राजपुरा, ढांग निहली, ढांग उपरली और प्लासी कलां समेत कई ग्राम पंचायतों को सतर्क किया गया था। पंचायतों को सूचित किया गया था कि कोइडी पंचायत में चिकनी खड्ड पर बनी इस झील का पानी मंगलवार दोपहर 2:00 बजे के बाद छोड़ा जाएगा। साथ ही, मंदिरों और गुरुद्वारों के माध्यम से मुनादी करवाकर लोगों को खड्ड के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी गई थी ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
इस कृत्रिम झील से पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग ने करीब 5 लाख रुपये का ठेका दिया था। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता परवरसर सिंह ने कहा कि खड्ड में पत्थर बहुत ज्यादा हैं, जिसके कारण ज्यादा निकासी संभव नहीं हो पाई है। इसलिए जितना पानी निकाला जा सकता था, उतना निकाल दिया गया है। वहीं, उपमंडलाधिकारी नरेंद्र अहलूवालिया ने कहा कि वे इस गंभीर विषय को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बातचीत करेंगे।