चंडीगढ़, शिमला, कुल्लू-मनाली को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल
रोजाना सैकड़ों भारी और छोटे वाहन करते हैं आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। बडोर घाटी से कुनिहार सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी बन गए हैं। बडोर घाटी से पुराना बस अड्डा कुनिहार से तक कई स्थानों पर सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। गड्ढों से बचने के प्रयास में चालकों को बार-बार लेन बदलनी पड़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और इस व्यस्त मार्ग पर सफर जोखिम भरा हो गया है।
लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। गड्ढों के कारण कई बाइक और स्कूटर सवार अनियंत्रित होकर चोटिल हो चुके हैं। पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था न होने से रात के समय ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन इनमें उतर जाते हैं, जिससे वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
यह मार्ग क्षेत्र के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन चंडीगढ़, शिमला, अर्की, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू और मनाली के लिए बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके अलावा अंबुजा सीमेंट कंपनी से जुड़े सैकड़ों भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। भारी यातायात के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों में रोष है।
विभाग से जल्द मरम्मत की मांग
ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि इस समस्या से विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले पुराना बस अड्डा कुनिहार से बडोर घाटी तक सड़क के सभी गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
मुख्य मार्ग पर बने गड्ढों को सीमेंट-कंक्रीट से भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बडोर घाटी तक जहां-जहां पैचवर्क की आवश्यकता है, वहां 10 जुलाई तक मरम्मत का कार्य पूरा कर दिया जाएगा, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
-मंसाराम, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग कुनिहार