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Solan News: क्रस्ना लैब की मशीन खराब, सरकारी लैब में धक्के खाने पर मजबूर मरीज

Wed, 22 May 2024 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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लैब में सर्वर भी डाउन, एक ही नर्स के सहारे सैकड़ों मरीज
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सुबह 9:30 बजे पर्ची देने वालों का 1:00 बजे तक नहीं आया नंबर
लैब के पास लगाए बैंच भी नाकाफी, फर्श पर बैठ कर इंतजार कर रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के क्षेत्रीय अस्पताल क्रस्ना लैब में बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब होने के बाद सरकारी लैब की पोल खुल गई है। इन दिनों मरीज सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए धक्के खाने पर मजबूर हो रहे हैं। एक ओर लैब का सर्वर बार-बार डाउन हो रहा है तो दूसरी ओर सैंपल लेने के लिए भी एक ही नर्स की ड्यूटी लगी है। इसी नर्स के सहारे सैकड़ों मरीज हैं। हालात यह है कि मरीज सैंपल देने के लिए घंटों खाली पेट लाइनों में लगे रहते हैं।
बुधवार को कुछ इसी प्रकार के हालात सरकारी लैब में दिखाई दिए। जहां रक्त सैंपल देने के लिए मरीजों ने सुबह 9:30 बजे सरकारी लैब में पर्ची दी। भीड़ अधिक होने से मरीजों की दोपहर तक बारी नहीं आई। जिससे कई मरीज लैब कर्मियों पर रोष जताते भी दिखे। लैब के उच्चाधिकारी सैंपल कलेक्ट कक्ष तक के बाहर हालत देखने तक नहीं आए। यहीं नहीं आपातस्थिति में अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज भी भीड़ में खड़े रहे। चुनाव के दौरान नेता बड़े-बड़े दावे स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए कर जाते हैं। लेकिन बाद में स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर देखा तक नहीं जाता है।
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वहीं, लैब के आसपास मरीजों की भीड़ भी अधिक होने से लगाए गए बैंच भी नाकाफी रहे। मरीजों और तीमारदारों को फर्श पर बैठक कर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। 1:00 बजे के करीब कई मरीजों बी पर्ची वापस भी कर दी। ऐसे में घंटों खड़े रहने के बाद मरीज बिना सैंपल दिए वापस लौट गए और इसके बाद मरीजों को अस्पताल से बाहर निजी लैब में जाकर टेस्ट करवाने पड़े। इससे मरीजों को परेशानी की साथ-साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इन दिनों गर्मी अधिक होने के बाद से मरीज विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होकर अस्पताल का रुख कर रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल में काफी भीड़ सुबह से शाम तक लगी रहती है। मरीजों को कई प्रकार के टेस्ट भी लिखे जाते हैं। इसके बाद मरीज 12:00 बजे से पहले सरकारी लैब में पर्ची जमा करवा दें तो टेस्ट हो जाता है। इसके बाद मरीज बेहाल रहते हैं। बुधवार को 12:00 बजे से पहले पर्ची देने पर भी मरीजों का नंबर नहीं लगा पाया। लैब में खड़े तीमारदार ऊषा देवी ने बताया कि वह सुबह 10:00 बजे अपनी माता को लेकर लैब में जांच करवाने पहुंच गई थीं। दोपहर 12:00 बजे भी नंबर नहीं लगा। जबकि वह बुजुर्ग हैं और खाली पेट हैं। वहीं संजय कुमार ने बताया कि वह अपने बेटे को जांच के लिए लाए हैं। कई घंटे से बारी का इंतजार कर रहे हैं। बेटा भी खाली पेट है। बार-बार खाने को मांग रहा है।

इनसेट
पर्ची काउंटर पर हो गई झड़प
क्षेत्रीय अस्पताल में एक ही पर्ची काउंटर चल रहा है। बुजुर्गों को भी इसी काउंटर पर खड़े होकर पर्ची कटवानी पड़ रही है। हाल ही में फिर पर्ची कटवाने को लेकर काउंटर के बाहर झड़प हो गई। हालांकि तैनात सुरक्षा कर्मी ने तुरंत मामला शांत करवाया। लेकिन एक ही काउंटर होने से मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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इनसेट
सर्वर क्यों नहीं चल रहा है इसके बारे में लैब कर्मचारियों से पूछा जाएगा। सरकारी लैब में सैंपल के लिए स्टाफ तैनात किया जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. राजन उप्पल
कार्यकारी चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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