छावनी बोर्ड की तकनीकी टीम की निगरानी में होगा निर्माण, बैठक में लिया फैसला
दुकानदारों को देना होगा सहमति पत्र, नहीं मांगेंगे कोई खर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। कसौली की हेरिटेज मार्केट में 13 अप्रैल को हुए अग्निकांड भीषण अग्निकांड में जली दुकानों को कारोबारी अपने खर्चे पर दोबारा से दुकानें बना सकेंगे, लेकिन यह निर्माण छावनी बोर्ड की तकनीकी टीम की निगरानी में होगा। यह निर्णय शुक्रवार को हुई छावनी बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में छावनी के अध्यक्ष एवं 95 ब्रिगेड कसौली के कमांडर ब्रिगेडियर संदीप मदान, छावनी बोर्ड के सचिव एवं सीईओ हिमांशु सामंत और सिविल सदस्य राजकुमार सिंगला उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रभावित दुकानदारों और व्यापार मंडल कसौली के प्रतिनिधियों ने विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में बैठक में भाग लिया। बैठक में पीड़ित दुकानदारों ने मांग उठाई कि उनकी आजीविका पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर है, ऐसे में दुकानों का पुनर्निर्माण शीघ्र करवाया जाए, ताकि उनके परिवारों का गुजर-बसर सामान्य हो सके। दुकानदारों ने यह भी मांग उठाई कि यदि बोर्ड की ओर से निर्माण में विलंब होता है, तो उन्हें स्वयं अपने स्तर पर दुकानों की मरम्मत करने की अनुमति दी जाए। छावनी बोर्ड ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए दुकानदारों को अपने खर्चे पर मरम्मत की अनुमति देने का निर्णय दिया। हालांकि इसमें कुछ शर्तें भी रखी गईं। बोर्ड की तकनीकी टीम प्रत्येक दुकान की सुरक्षा जांच करेगी और उसी के आधार पर मरम्मत की अनुमति प्रदान की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के जोखिम से बचा जा सके। टीम समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी करती रहेगी। इसके साथ ही दुकानदारों को एक लिखित सहमति पत्र देना होगा, जिसमें वे यह स्पष्ट करेंगे कि मरम्मत पर खर्च की गई राशि के लिए वे भविष्य में छावनी बोर्ड से किसी प्रकार का दावा नहीं करेंगे।
छावनी बोर्ड ने यह भी दिया प्रस्ताव
राहत के तौर पर छावनी बोर्ड ने यह भी प्रस्ताव दिया कि फिलहाल उसके पास उपलब्ध तीन से चार खाली दुकानों में इच्छुक दुकानदार अस्थायी रूप से अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं, जब तक उनकी मूल दुकानें पूरी तरह से तैयार नहीं हो जातीं।
दुकान नंबर 4 से 11 तक आग आईं थी आग की चपेट में
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को हेरिटेज मार्केट की कुल 30 दुकानों में से दुकान नंबर 4 से 11 तक आग की चपेट में आ गई थीं। इनमें दुकान नंबर 4 के मालिक को भी मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले छावनी बोर्ड की तकनीकी टीम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। फिलहाल दुकानदारों की उम्मीद छावनी बोर्ड की बैठक के आधिकारिक मिनट्स पर टिकी हैं, जिनके कल तक जारी होने की संभावना है। इन मिनट्स से ही प्रभावित दुकानदारों के भविष्य की दिशा काफी हद तक तय होगी।
कसौली छावनी बोर्ड की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे दुकानदार। संवाद