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Solan News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के प्रसंग पर भक्ति रस में डूबा झाड़माजरी

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झाड़माजरी क्षेत्र के पलांखवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
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पलांखवाला में श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन साध्वी ऋषि गिरि की प्रवचनों की बौछार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। झाड़माजरी क्षेत्र के पलांखवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन वीरवार को समूचा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य 108 साध्वी ऋषि गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। इस दौरान भगवान के जयकारों से कथा पंडाल गूंज उठा। साध्वी ऋषि गिरि ने द्वारका धाम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि रुक्मिणी और श्रीकृष्ण का विवाह केवल एक प्रसंग नहीं, बल्कि प्रेम और अटूट भक्ति की मिसाल है। उन्होंने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने बिना देखे ही प्रभु को अपना सर्वस्व मान लिया था। जब उनके भाई रुक्मी ने उनके संकल्प के विरुद्ध शिशुपाल से विवाह तय किया, तब रुक्मिणी के एक संदेश पर भगवान ने आकर उनका उद्धार किया। कथा के दौरान पौराणिक तथ्यों को साझा करते हुए साध्वी ने बताया कि गुजरात का माधवपुर (घेड) वही पवित्र स्थान है, जहां इस दिव्य विवाह की स्मृतियां आज भी जीवित हैं। उन्होंने रुक्मिणी को साक्षात महालक्ष्मी का अवतार बताया और कहा कि यह विवाह देवताओं और ऋषि-मुनियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ था। कथा के बीच जब श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी निकाली गई, तो श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। पुष्प वर्षा के बीच जीवंत झांकी ने साक्षात द्वारका नगरी का दृश्य उपस्थित कर दिया। इस दौरान अच्छर पाल कौशल, पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी, राम रतन चौधरी, वीरेंद्र चौधरी, नवीन शर्मा, जोगिंदर ठाकुर, दिनेश शर्मा व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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