हिमाचल प्रदेश लोकनिर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता संघ की बैठक में सेवानिवृत्तों को जेई की नियुक्ति दिए जाने का जोर शोर से विरोध हुआ। इसे बेरोजगार ट्रेनर के साथ धोखा करार दिया गया। मीटिंग के दौरान प्रमोट किए सभी कनिष्ठ अभियंताओं को कनर्फम किए जाए की मांग भी उठी। केवल होल्डिंग द चार्ज की गलत परंपरा को भी समाप्त करने का आह्वान किया गया।
संघ ने 29 से 30 वर्ष की प्रमोशन होने के बाद इसे कनिष्ठ अभियंताओं से भद्दा मजाक करार दिया है। बैठक जोन प्रधान पवन चंदेल की अध्यक्षता में हुई। इसमें 6 जुलाई को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सम्मेलन की तैयारियों के बारे में चर्चा की गई। इसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। बैठक में सोलन, कसैाली, अर्की, नालागढ़, राजगढ़ मंडल के सभी कनिष्ठ अभियंताओं ने भाग लिया। इसमें सभी मंडल की सहमति से एक मांगपत्र तैयार किया गया। जेएल कांटा, राजेश शर्मा, शिव कुमार वर्मा, बीएस कौंडल, सतीश शर्मा, चंद्र शेखर, दिनेश शर्मा, राज कुमार, राकेश शर्मा, राकेश कुमार, नरेश वर्मा, प्रमोद कुमार आर्य और गुरवचन सिंह मौजूद रहे।
यह रखी गईं मांगें
कनिष्ठ अभियंताओं की कामन वरिष्ठता सहायक अभियंता के स्तर पर बनाई जाए। इसी तरह प्रमोशन कोटा सहायक अभियंता के पद पर 45 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाए। पंजाब की तर्ज पर यात्रा भत्ता 30 लीटर पैट्रोल प्रति माह दिया जाए। मोबाइल भत्ता 1000 रुपये प्रति माह किया जाए। कनिष्ठ अभियंताओं की 33 वर्ष की सर्विस 60 वर्ष पहले पूरी हो।
तीन साल में नियमित किए जाएं जेई
कांट्रेक्टर पर लगे कनिष्ठ अभियंताओं के 3 वर्ष पूरे होने पर रेगूलर किया जाए। इसके अलावा दैनिक वेतन पर लगे सभी कनिष्ठ अभियंताओं को जो वर्ष 2003 से पहले लगे हैं, उन्हें पेंशन स्कीम में लाया जाए। कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती 50 प्रतिशत बैच वाइज आधार पर की जाए। सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता के लिए समय सीमा 8 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष की जाए। वरिष्ठता में जूनियर जेई कनिष्ठ अभियंताओं को राजनैतिक फायदा देकर सहायक अभियंता बनाए हैं, उन्हें जल्द वापस कनिष्ठ अभियंताओं के पद सौंपे जाएं।