जिला सांस्कृतिक परिषद की बैठक में बोले उपायुक्त, कहा-कलाकारों को प्रशिक्षण देना करे सुनिश्चित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सांस्कृतिक परिषद की बैठक उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन स्थानीय कला को विकसित करने के लिए सदैव प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परिषद का मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि ठोडो, करयाला के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कलाकारों की पहचान करना आवश्यक है ताकि युवाओं को प्राचीन विधाओं की जानकारी मिल सके। उपायुक्त ने जिला भाषा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह जिला में ठोडा, करयाला को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत ठोडा तथा करयाला दलों को तलाशें ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने जिला भाषा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह शीघ्र ही 12 ठोडो तथा 15 करयाला कलाकारों को तलाशे और उन्हें प्रशिक्षण देना सुनिश्चित बनाए। उन्होंने कोठों स्थित कला केंद्र में संग्रहालय बनाने के लिए उपमंडलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने लोक संस्कृति के आइने में सोलन नामक पुस्तक का नया डिजिटल संस्करण तैयार करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने सोलन की जनता से आग्रह किया कि प्राचीन पुस्तकें जिसमें सोलन जि़ला से संबंधित लेख छपे हों अथवा कोई भी प्राचीन सांस्कृतिक महत्व की वस्तु, कला केंद्र कोठों में भेंट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं एतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन वस्तुओं, दस्तावेज़ों इत्यादि को संग्रहालय में संग्रहित किया जाएगा। इस मौके पर उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, जिला युवा खेल सेवाएं अधिकारी भूपेंद्र वर्मा, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रतिनिधि डॉ. प्रियंका भारद्वाज, जिला भाषा अधिकारी सोलन ममता वर्मा सहित परिषद के अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।