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Solan News: जिला परिषद की बैठक में उठे बिजली, सड़क, स्कूल, पेयजल के मुद्दे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में कार्य के लिए बजट न मिलने पर सदस्य भड़क गए। इस दौरान सदस्यों ने यह तक कह दिया कि सरकार व पंचायती राज विभाग पैसे का प्रयोग कहा कर रहा है इसका जवाब दे। वीरवार को हुई इस बैठक में 50 पुरानी व 5 नई मदों जिसमें परिवहन, बिजली, सड़क, स्कूल, पेयजल समस्याओं समेत अन्य मदों पर चर्चा की गई। बैठक में विकास कार्यों के बारे में जब अधिकारियों से सदस्यों ने सवाल-जवाब शुरू किए तो अधिकतर ने बजट न होने के बारे में बताया। सदस्यों ने कहा कि अब जिला परिषद का कार्यकाल खत्म होने की कागार पर है। लेकिन 2021 से मदें चली आ रही हैं। अभी तक ये मदें पूरी नहीं हो रही है। 2023 से बजट के अभाव में कार्य रुके हुए हैं। केंद्र सरकार की ओर से 15वेें वित्त आयोग का पैसा जारी हो गया है। प्रदेश सरकार ये पैसा कार्यों के लिए जिला परिषद को जारी ही नहीं कर रही है। अब नौबत ये आ गई है कि कोई नया कार्य बैठक में दिया ही नहीं जा रहा है। लोग भी सदस्यों से कार्यों का ब्यौरा मांग रहे हैं। लेकिन सरकार जनता के चुने नुमाइंदों को ही बजट जारी नहीं कर रही है।अधिकारियों से कार्यों के बारे में कोई अपडेट लेनी हो तो वे सबसे कठिन हो जाता है। लोगों ने जिस विश्वास के साथ वोट दिए हैं उन्हें ऐसा लगता है कि कार्य न होने से अब छल हो रहा है।

विशेष बैठक बुलाने के लिए दिया ज्ञापन
सदस्यों का कहना है कि अधिकारी ये समझ नहीं रहे हैं कि जनता के नुमाइंदें सरकार और लोगों के बीच मध्यस्तता का कार्य कर रहे हैं। लेकिन अब हालत खराब होती जा रही है। लोगों को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इसे देखते हुए सभी ने विशेष बैठक की मांग की। इस दौरान पिछली बैठकों की समीक्षा करे और एक माह में विशेष बैठक बुलाए। इसे लेकर सदस्यों ने एकजुट होकर ज्ञापन भी सौंपा है।
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अफसर बहाना बनाकर टलते हैं बैठक : मनोज
जिला परिषद सदस्य मनोज वर्मा ने कहा कि अधिकारियों को दिए गए कार्यों पर वे बहाना बनाकर टाल देते हैं। बैठक में आकर अधिकारी बजट न होने से लेकर अन्य कई प्रकार के बहाने बनाते हैं। इससे कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पंचायती राज दिवस मना चुके हैं। लेकिन इस दिवस को मनाने का कोई फायदा नहीं है। क्योंकि पंचायती राज संस्थाओं के पास पैसा ही नहीं हैं। सरकार को ये समझना चाहिए कि जिप सदस्य उनसे अपना मानदेय बढ़ाने की बात नहीं करते बल्कि विकास कार्यों को लेकर बजट की मांग करते हैं।


तीन साल से बंद पड़ी योजना का अधिकारी को नहीं पता
जिप सदस्य राजेंद्र ठाकुर ने बैठक में नई मद पर चर्चा करते हुए बताया कि बेल्लड का नाला से जोहड़जी उठाऊ पेयजल योजना तीन समय से बंद पड़ी है। विद्युत सप्लाई न होने कारण योजना का फायदा दो पंचायतों के ग्रामीण नहीं उठा पा रहे हैं। इस पर जब उन्होंने विद्युत बोर्ड धर्मपुर के सहायक अभियंता से प्रश्न किया तो उन्हें इस बारे पता ही नहीं था।

2021 से चली आ रही समस्या
बैठक में पथ परिवहन से संबंधित समस्या का 2021 से चली आ रही है। इसका आज तक समाधान नहीं हो पाया है। ये मद जिला परिषद सदस्य कमलेश पंवर ने दी है। उन्होंने कहा कि हर बार इस प्रश्न का उत्तर ये मिलता है कि जयनगर से बड्डल और ऊखू रोड पर बस के लिए परमिट की स्वीकृति के लिए भेजा है। लेकिन करीब साढ़े चार साल में परमिट को स्वीकृति ही नहीं मिली है।

कुत्तों की बढ़ती समस्या से लोग परेशान
जिप सदस्य भीम सिंह की कुत्तों की बढ़ती हुई संख्या पर पशु पालन विभाग क्या कार्य कर रहा है पर प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि शहर में ही नहीं जिलेभर में इस प्रकार की समस्या से लोग परेशान हो गए हैं। इस संबंध में उप निदेशक पशुपालन विवेक लांबा ने बताया कि सोलन में श्वान नसबंदी केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसका संचालन शीघ्र ही आरंभ कर दिया जाएगा।
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जिला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन एवं आमजन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी है। विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहना चाहिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण करे।
रमेश ठाकुर, अध्यक्ष, जिला परिषद।
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