मुख्य जोखिम कारकों से बचाव कर 30 प्रतिशत मौतों पर लग सकता है अंकुश
स्वास्थ्य सखी कार्यकर्ताओं ने 375 महिलाओं किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर 30 से अधिक गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का शुभारंभ संघोई गांव से किया गया। इसका आयोजन अंबुजा फाउंडेशन दाड़लाघाट की सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना के तहत स्वास्थ्य सखियों की ओर से किया गया।
कार्यक्रमों में जनभागीदारी से लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना के तहत बताया कि कैंसर गैर-संचारी रोगों में प्रमुख बीमारी है, जो विश्व स्तर पर बीमारियों और मृत्यु का बड़ा कारण बन रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मुख्य जोखिम कारकों से बचाव किया जाए तो कैंसर से होने वाली लगभग 30 से 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है।
जागरूकता सत्रों में तंबाकू और शराब के सेवन, असंतुलित आहार, पराबैंगनी विकिरण के अत्यधिक संपर्क और प्रदूषण जैसे प्रमुख जोखिम कारकों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य सखी कार्यकर्ताओं ने लगभग 30 गांवों में 375 महिलाओं सहित 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के साथ जानकारी साझा की।
जागरूकता कार्यक्रम चंडी, बड़ोग, कश्लोग, खाली, नेवड़ी, संघोई, मलावन सहित अन्य गांवों में आयोजित किए गए। अंबुजा फाउंडेशन के स्वास्थ्य समन्वयक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से समुदाय के बीच जारी रखे जाएंगे।