कुनिहार पहुंचे महामंडलेश्वर 1008 स्वामी हरी चेतनानंद जी महाराज। स्रोत : आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। स्वामी हरी चेतनानंद 1008 महाराज अपने शिष्यों को आशीर्वाद शुक्रवार को कुनिहार पहुंचे। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। हरी सेवा आश्रम हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी हरी चेतनानंद महाराज ने कुनिहार प्रवास के दौरान अपने शिष्यों के साथ पूर्णिमा का विशेष पर्व विधि-विधान और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया। इस दौरान पूजा-अर्चना भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सत्संग प्रवचन करते हुए स्वामी ने वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैशाख पूर्णिमा वैदिक सनातन धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पवित्र और श्रेष्ठ दिन है। जिसका संबंध भगवान विष्णु के अनेक दिव्य स्वरूपों से माना जाता है। कहा कि इसी दिन भगवान सत्यनारायण के अवतार का भी विशेष महत्व बताया गया है। स्वामी ने सत्यनारायण कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि यह कथा व्यक्ति को सत्य धर्म संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कथा की पूजा विधि प्रसाद और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी। कहा कि पूर्णिमा के दिन स्नान, दान, जप, तप और विशेष रूप से गंगा नदी में स्नान का महत्व शास्त्रों में बताया गया है।