सोलन सब्जी मंडी में लहसुन की लोडिंग करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : चिलचिलाती धूप से बेहाल शहरी।
सोलन सब्जी मंडी में अभी तक पहुंची 8,393 क्विंटल लहसुन की सप्लाई
60 से 150 रुपये प्रति किलो तक मिल रहे दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के लहसुन की बाहरी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में मांग बढ़ गई है। अभी यहां स्थानीय आढ़ती ही सब्जी मंडी से लहसुन की खरीद कर बाहरी राज्यों को सप्लाई कर रहे हैं। प्रदेश में जिला सोलन और सिरमौर में सबसे अधिक लहसुन की खेती होती है।
हालांकि इस बार अधिकतर क्षेत्रों में लहसुन खराब हुआ है, इसके बावजूद भी अभी तक 8,393 क्विंटल लहसुन अभी तक सोलन सब्जी मंडी में पहुंच चुका है और इसकी रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन 1,700 क्विंटल से अधिक लहसुन यहां पहुंच रहा है। जानकारी के अनुसार सब्जी मंडी में लहसुन की आवक शुरू होते ही किसानों के चेहरों पर चमक लौट आई है। वर्तमान में लहसुन की गुणवत्ता और ग्रेड के आधार पर किसानों को 60 से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक के दाम मिल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सीजन गति पकड़ेगा, मांग और बढ़ सकती है। अभी मुख्य रूप से सोलन जिला का ही लहसुन मंडी पहुंच रहा है। प्रदेश में लहसुन के सबसे बड़े उत्पादक जिला सिरमौर और कुल्लू की फसल भी कुछ ही दिनों में मंडियों में दस्तक देने वाली है। इस बार व्यापारियों में खासा उत्साह है। अब लहसुन केवल दक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि त्रिपुरा और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी भेजा जाएगा। जिला सोलन में करीब 500 हेक्टयेर भूमि पर लहसुन की खेती हो रही है और धीरे-धीरे इसका दायरा भी बढ़ रहा है।
उधर, मंडी समिति सोलन के सचिव राघव सूद ने बताया कि मंडी में लहसुन की आवक बढ़ गई है। किसानों को उनके ग्रेड के हिसाब से दाम मिल रहे है। अब तक मंडी में 8,393 क्विंटल लहसुन पहुंच चुका है। इससे लाखों रुपये का कारोबार किया जा चुका है।