निक्कूवाल में रुक्मिणी विवाह की झांकी के साथ नाचते श्रद्धालु स्रोत: संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। निक्कूवाल में श्रीमद्भगवत कथा के छठे दिन कंस वध प्रसंग के अवसर पर आचार्य नीलकंठ कौशल ने कहा कि आज के समय में अधिक आवश्यकता अपने भीतर बैठे कंस को मारने की है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति के भीतर कंस बैठा है, तभी प्रतिदिन बेटियों के साथ होने वाले अपराध की खबरें आती हैं। आचार्य ने कहा कि यदि हम अपने भीतर के कंस को समाप्त कर लें, तो किसी बेटी के साथ अन्याय नहीं होगा। कथा में कंस वंध व रुक्मिणी विवाह का प्रसंग भी सुनाया।