संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में हिमुडा ने शहर में अवैध रेहड़ी-खोखा धारकों को हटाने का फरमान जारी कर दिया है। नोटिस जारी होने के बाद रेहड़ी-खोखा धारकों में हड़कंप मच गया है।
हिमुडा से अवैध हटाने के बाद जगह खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। नोटिस में हिमुडा ने आदेशों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसे लेकर फिर रेहड़ी और खोखा धारकों को रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है।
2017 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रेहड़ी-खोखा मार्केट का शिलान्यास किया था। हिमुडा ने मार्केट में ही एक निश्चित स्थान छोड़कर अन्य जगहों से खोखे हटाने के निर्देश किए थे।
कोर्ट के आदेशानुसार शहर में लगे अवैध रेहड़ी-खोखा को हटाने के लिए कहा है। वहीं खोखाधारकों का कहना है कि यदि उनके खोखे अवैध हैं तो नगर परिषद उनसे सालाना फीस कैसे लेती है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से इस स्थान पर बैठे हैं।
आदेशों की पालना करना हमारा कार्य
शहर से अवैध रेहड़ी-खोखा हटाने के लिए कोर्ट के आदेशों का पालन करना हमारा कार्य है। इसके लिए धारकों नोटिस जारी किया जा चुका है। इससे पहले भी कई बार धारकों को खोखे हटाने के लिए कहा जा चुका है। हिमुडा ने नगर परिषद को वेंडिंग जोन के लिए जगह चिह्नित कर दी गई है। शहर में रेहड़ी-खोखा धारकों को एक सप्ताह के भीतर हटाना होगा।
-ई. गिरीश शर्मा, अधिशासी अभियंता हिमुडा, परवाणू
प्री-फैब्रिकेटिड खोखों का प्रस्ताव भेजा
प्री-फैब्रिकेटिड खोखों का प्रस्ताव पहले भेजा गया था जिस पर अभी तक जवाब नहीं आया है। प्रस्ताव फिर से भेजा गया है। जल्द ही उस पर कार्य कर खोखाधारकों को वहां से हटाकर वेंडिंग जोन में स्थानांतरित किया जाएगा।
-अनुभव शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद परवाणू