सोलन में मशरूम लैब का निरीक्षण करते भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महा निदेशक डॉ. मांगी लाल जाट।
डीएमआर में चल रही शोध गतिविधियों और प्रयोगशालाओं का लिया जायजा
मशरूम उत्पादन में नवाचार और किसानों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मांगी लाल जाट ने खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की शोध गतिविधियों का जायजा लिया और मशरूम उत्पादकों के साथ सीधा संवाद किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने निदेशालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं और प्रायोगिक खेतों का अवलोकन किया। उन्होंने संस्थान की ओर से किए जा रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों की समीक्षा की और वैज्ञानिकों के प्रयासों को सराहा। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान परिसर में स्मृति स्वरूप एक पौधा भी रोपित किया। उन्होंने मशरूम उत्पादकों के साथ आयोजित एक विशेष किसान हितधारक बैठक में भाग लिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके सुझावों पर चर्चा की। महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिकों को किसानों और देश की वर्तमान आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए शोध करना चाहिए। क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के साथ-साथ बुनियादी अनुसंधान को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने सलाह दी कि आईसीएमआर के विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग होना चाहिए। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्य करने पर बल दिया, ताकि अनुसंधान के परिणामों का लाभ समाज और किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। इस विशेष दौरे के दौरान मशरूम अनुसंधान निदेशालय के कार्यवाहक निदेशक डॉ. बीएल अत्री, नई दिल्ली से आए सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडेय और केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के निदेशक डॉ. बृजेश सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।