को-ऑपरेटिव बैंकों में नौकरी के लिए भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेवारी प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को देने पर सवाल उठने लगे हैं। बैंकिग क्षेत्र में तैयारी कर रहे युवाओं ने स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा चयन प्रक्रिया में धांधली की आंशका जताई है। इस संबंध में सोलन में कोचिंग ले रहे छात्रों ने रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव को पत्र भेज कर इस प्रकिया को आईबीपीएस (इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन) के तहत लाने की मांग की है जिससे बैंकिंग क्षेत्र में चयन प्रकिया में होने वाली धांधली से बचा जा सके। वहीं सोलन में विभिन्न कोचिंग सेंटरों व बैंक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव बैंक को चेतावनी दी है कि 10 दिनों के भीतर बैंक प्रबंधन द्वारा इस विषय में कोई ठोस कदम नहीं उठाने की स्थिति में छात्र धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
विद्यार्थियों में सुरेंद्र पाल, मनीष, दिनेश ठाकुर, अनिल कुमार, सुनील, शिवेंद्रा, प्रदीप, विनय, आकाश, संजय, नेहा हुसैन का कहना है कि को-ऑपरेटिव बैंक की परीक्षा आईबीपीएस के द्वारा ली जाती थी। यह परीक्षा ऑनलाइन होती थी। यह परीक्षा ऑनलाइन ही होनी चाहिए जिससे कोई धांधली न हो सके।
सोलन शहर के विभिन्न संस्थानों व कोचिंग सेंटर के 275 विद्यार्थियों ने बैंक प्रंबधन के इस निर्णय का विरोध किया है। इन विद्यार्थियों में कॉलेज व अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने मांग की है कि को-ऑपरेटिव बैंक की चयन प्रकिया स्कूल शिक्षा बोर्ड को न दी जाए।