183 बस चालकों के पदों पर केवल 113 से चलाया जा रहा काम
लंबे रूटों से वापस आने के बाद, छोटे रूटों पर भेजे जा रहे चालक
वर्कशॉप वर्करों की कमी के कारण बसों को ठीक करने में हो रही देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सोलन डिपो में चालकों, परिचालकों और वर्कशॉप कर्मचारियों की कमी से बस सेवा चरमरा गई है। बसों और स्टाफ की किल्लत की वजह से रोजाना करीब 10 स्थानीय रूट प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोलन डिपो में बस चालकों के स्वीकृत 183 पदों के मुकाबले महज 113 चालक ही कार्यरत हैं। लंबे समय से 70 पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी के चलते लंबे रूट से लौटकर आने वाले चालकों को आराम देने के बजाय तुरंत छोटे रूटों पर भेज दिया जा रहा है। इससे चालकों पर काम का बोझ बढ़ गया है। वहीं, परिचालकों (कंडक्टर) के 178 में से 127 पदों पर ही तैनाती है। रूटों के अलावा वर्कशॉप की स्थिति भी चिंताजनक है। डिपो में वर्कशॉप वर्करों के 90 पद स्वीकृत हैं लेकिन इनमें से केवल 54 पद ही भरे गए हैं। कर्मचारियों की कमी से खराब बसों की मरम्मत में देरी हो रही है। इससे बसें समय पर रूट पर नहीं भेजी जा पा रही हैं।
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ग्रामीण इलाकों में आवाजाही ठप
कर्मचारियों की कमी का असर ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। प्रतिदिन करीब 10 रूट प्रभावित होने से ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए निगम मुख्यालय को मांग पत्र भेजा गया है। हालांकि, अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है। यदि कोई कर्मचारी अचानक छुट्टी पर चला जाए, तो स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। रिक्त पदों को भरने के प्रयास जारी हैं। -तरसेम सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी सोलन डिपो