सोलन। कथेड़ में प्रस्तावित क्षेत्रीय अस्पताल के नक्शे में करीब 50 से अधिक बदलाव किए जाएंगे। इस बदलाव के लिए अस्पताल निर्माण कमेटी के सभी सदस्यों ने सहमति जताई है। नक्शे में बदलाव के लिए कमेटी ने चीफ आर्किटेक्ट को प्रस्ताव भेजकर इसमें जल्द आवश्यक बदलाव करने के लिए कहा है। इस प्रस्ताव के लिए अस्पताल की कमेटी ने नए अस्पताल के लिए एक ही स्थान पर ट्रॉमा सेंटर और आपातकालीन सेवा कक्ष बनाने की संस्तुति की है।
ओपीडी के लिए मुख्य सड़क से रास्ता बनाने का सुझाव भी दिया है। बाकायदा कमेटी ने सरकार की ओर से चलाई जा रही आयुष्मान और अन्य स्कीमों को भी सुचारु रूप से चलाने के लिए अलग कक्ष बनाने के लिए जगह देने के लिए कहा है। यह बदलाव कमेटी ने भविष्य में अस्पताल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए हैं।
इसी के साथ कमेटी ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की अनुमति भी सरकार से मांगी है। अनुमति मिलते ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। कथेड़ मेें अस्पताल का नया भवन बनना प्रस्तावित है। बीते दिनों अस्पताल के निर्माण के लिए औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आर्किटेक्टों ने नक्शा बनाना शुरू किया और भवन निर्माण का डिजाइन तैयार किया। डिजाइन तैयार कर अस्पताल प्रशासन को भेजे गए। इन डिजाइन में न तो नेत्र ओटी थी और न ही ओपीडी का मेन सड़क से रास्ता दिया था। इसके अलावा भी कई कमियां थीं जिस कारण कमेटी ने रोक लगा दी।
आईपीएच स्टैंडर्ड में नहीं आइसोलेशन वार्ड का प्रावधान
कथेड़ अस्पताल को बनाने के लिए तैयार किया नक्शा आईपीएच (इंडियन पब्लिक हैल्थ) स्टैंडर्ड के हिसाब से तैयार किया गया था। इसमें आइसोलेशन वार्ड से लेकर अन्य वार्डों का प्रावधान नहीं है। हालांकि, अस्पताल में कोविड जैसे रोगों को लेकर आइसोलेशन वार्ड बनाना अनिवार्य हो गया है। इसे देखते हुए अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जाना है। दिव्यांगों को वार्डों तक पहुंचने के लिए भी ट्रैक बनाने का प्रस्ताव दिया है।
चीफ आर्किटेक्ट को भेजा प्रस्ताव : डॉ. सुमित
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित सूद ने बताया कि नक्शे में बदलाव के लिए वीरवार को प्रस्ताव चीफ आर्किटेक्ट शिमला भेज दिया है। उनसे जल्द नक्शे में बदलाव के लिए कहा गया है। यह सुविधा मिलने से अस्पताल में भविष्य में कोई परेशानी नहीं आएगी।