महामंडलेश्वर स्वामी विश्वमित्रानंद गिरी ने दिया एकता का संदेश
पंच परिवर्तन से राष्ट्र उत्थान का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को परवाणू के सेक्टर-5 स्थित दशहरा मैदान में विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ प्रात: वैदिक विधि-विधान के अनुसार भक्ति पूजन के साथ हुआ। इसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में माता बगलामुखी मंदिर मोरनी के पीठाधीश एवं विश्व हिंदू परिषद प्रांत कार्यकारिणी सदस्य 1008 महामंडलेश्वर स्वामी विश्वमित्रानंद गिरी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वमित्रानंद गिरी ने कहा कि समाज को संगठित, जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ बनाकर ही राष्ट्र निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन अपनी रक्षा करना भी जानता है। विशेष अतिथि के रूप में आरएसएस सोलन जिला विभाग प्रचारक अनिल कुमार तथा विशाल हिंदू सम्मेलन समिति के संयोजक पीएन शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य विषय पंच परिवर्तन से राष्ट्र उत्थान रहा, जिसके अंतर्गत स्वदेशी अपनाने, नागरिक कर्तव्यों के पालन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कर्तव्य बोध जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे गए। विभाग प्रचारक अनिल कुमार ने आरएसएस की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन ने अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक एकता को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने हिंदू समाज की एकता, संस्कृति और स्वाभिमान को मजबूत करने का संदेश दिया तथा युवाओं से नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। सम्मेलन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर विशाल हिंदू सम्मेलन समिति के सचिव कृष्ण कुमार डोडा और सह-संयोजक ओंकार सिंह जसवाल ने स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के उपरांत सहभागियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर, जिला परिषद सदस्य दर्पणा ठाकुर, महिला मंडल प्रधान ऋतु शर्मा, विश्व हिंदू परिषद व आरएसएस के सदस्य उपस्थित रहे।