किसान गेहूं की लेट वैरायटी की कर पाएंगे बुआई, 114 दिन में होगी तैयार
15 जनवरी तक फसल की कर सकते हैं बुआई
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश रबी की फसल के लिए संजीवनी बन कर बरसी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जिन किसानों ने गेहूं की फसल लगा ली है उसके लिए यह बारिश वरदान साबित होगी। सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी गेहूं अब तेजी से ग्रोथ करेगी। बारिश के बाद किसान कीटनाशक और खाद के प्रयोग कर सकते हैं।
बीबीएन क्षेत्र में 6 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। यहां पर 25 फीसदी क्षेत्र में पानी लगता है। यहां पर तो गेहूं की फसल ठीक है लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में बिना बारिश के अभी तक गेहूं की ग्रोथ नहीं हुई थी। इससे लोग मायूस थे। दो दिन की बारिश से जमीन में अच्छी खासी नमी आ गई है और यह गेहूं के लिए उपयुक्त मानी गई है। जिन किसानों ने अभी तक गेहूं नहीं लगाई है। वह लेट वैरायटी लगा सकते हैं। इसके लिए 15 जनवरी तक समय है। यह लेट वैरायटी 114 दिन में तैयार हो जाती है।
खेड़ा पंचायत के अवतार सैणी, मझोली के सुच्चा सिंह, ढांग ऊपरी के सदा राम, दभोटा से सुरमुख सिंह, नंगल से टेक चंद चंदेल, बरुणा विनोद ठाकुर, कोटला से जगजीत सिंह, सनेड़ से देवराज चौधरी ने बताया कि दो दिन से हुई बारिश रबी की फसलों के लिए काफी उपयोगी सिद्ध हुई है। जिन लोगों ने अभी तक गेहूं नहीं लगाई है, वह इस बारिश के बाद लगा सकते है।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संदीप गौतम ने बताया कि जिन किसानों ने अभी गेहूं नहीं लगाई वह लेट वैरायटी पीबीडल्यू 757 लगा सकते हैं। गेहूं की इस प्रजाति को किसान 15 जनवरी तक लगा सकते हैं। 114 दिनों के भीतर यह गेहूं तैयार हो जाता है। 15.8 क्विंटल प्रति हेक्टेयर इसका उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अच्छी बारिश हो गई है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक देवराज कश्यप ने बताया कि अभी बारिश के लिए लगातार मौसम बना हुआ है। यह बारिश जितनी भी होगी उतनी कम है और जो बारिश हो रही है वह गेहूं के लिए काफी उपयोगी है।