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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में एकमात्र डॉक्टर, गायनी का ऑपरेशन डे होने से ओपीडी रही बंद

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-ग्राउंड रिपोर्ट-
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जांच के लिए आई महिलाएं पर्ची काउंटर से लौटाईं, कुछ ओपीडी के बाहर बैठी रहीं
दिनभर जांच के लिए इधर-उधर भटकती रहीं महिलाएं, कुछ बिना जांच करवाए लौटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में डॉक्टरों के तबादले का असर दिखने लगा है। वीरवार को गायनी का ऑपरेशन डे था, जिसके चलते ओपीडी में कोई भी डॉक्टर नहीं बैठा। वहीं ओपीडी को बंद कर दिया गया। इलाज के लिए आई महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि जिन महिलाओं को पता था कि उनका डॉक्टर ओटी में है, उन्होंने वहीं पर जाकर जांच करवाई। वहीं ज्यादात्तर महिलाओं को पर्ची काउंटर से ही लौटा दिया गया। सबसे ज्यादा परेशानी दूरदराज से आई महिलाओं को हुई। जो सुबह ही घर से निकल आई थीं और अस्पताल में आकर पता चला कि आज ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठेंगे, जिसके बाद महिलाएं निराश दिखीं। कुछ महिलाएं ओपीडी के बाहर बेंच पर ही बैठ गईं और व्यवस्थाओं को कोसने लगीं।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के बाहर एक बोर्ड लगा दिया था, जिसमें लिखा था कि ऑपरेशन डे होने के कारण रूटीन चेकअप के लिए आने वाली महिलाएं अगले दिन आएं। यही हाल सोमवार को भी महिलाओं को झेलना पड़ेगा क्योंकि उस दिन भी ओटी डे रहता है।
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क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां सोलन ही नहीं शिमला और सिरमौर के मरीज भी जांच के लिए आते हैं। रोजाना यहां पर 100 से 150 महिलाएं जांच के लिए आती हैं। ऐसे में यहां पर इस तरह की व्यवस्थाओं से सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में यहां से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीष मित्तल का तबादला मंडी मेडिकल कॉलेज के लिए किया गया है। उन्हें रिलीव भी कर दिया है। इससे पहले डॉ. पीयूष बोहरा ने भी तीन माह पहले नौकरी छोड़ दी है। इससे अब गायनी में एकमात्र विशेषज्ञ हैं, जो ओपीडी के साथ-साथ ओटी व आपात में आने वाली महिलाओं का इलाज कर रहे हैं।

इनसेट
सोलन निवासी कमला और तारा देवी ने बताया कि डॉक्टर से जांच करवाने के लिए आई हैं, लेकिन डॉक्टर ओपीडी में नहीं हैं। बुधवार को भी जांच के लिए आई थीं लेकिन डॉक्टर नहीं मिले।
इनसेट
सोलन शहर की रहने वाली रीना शर्मा ने बताया कि पोलीमेनोरिया की शिकायत है। डॉक्टर से चेकअप करवाने के लिए अस्पताल आई हैं लेकिन डॉक्टर की ड्यूटी ओटी में लगी है। सुबह 10:30 बजे पर्ची बनाई थी लेकिन 12 बजे तक भी डाॅक्टर का इंतजार कर रही हूं। पहले पता होता तो निजी अस्पताल में जाकर चेकअप करवाती।

इनसेट
शमलेच निवासी प्रियंका ने बताया कि गर्भावस्था की नियमित जांच के लिए अस्पताल आई हैं लेकिन डॉक्टर न होने से अब वापस जा रही हूं। बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे काफी परेशानी हो रही है।
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कोट
अस्पताल में अभी गायनी का एक ही डॉक्टर है। सोमवार और वीरवार को ऑपरेशन डे होता है इसलिए डॉ. की ड्यूटी ओटी में होती है। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन ने सरकार से मांग की है।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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