- ग्राउंड रिपोर्ट-
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के चलते पर्ची काउंटर और ओपीडी से ज्यादा दवा काउंटर पर दिखे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल का असर क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में काफी अधिक देखने को मिला। मरीज दवाएं लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। वहीं अस्पताल में सरकारी डिस्पेंसरी के बाहर आधे से एक घंटे तक भीड़ में खड़े रहकर भी पूरी दवाएं नहीं मिल पाईं। सर्जरी में भी मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। जो दवाइयां बाहर से लाने के लिए लिखी गई थीं, वह नहीं मिल पाईं। वहीं ऑर्थो विभाग में प्लास्टर करवाने आए मरीजों को भी कई सामान नहीं मिल पाया, लिहाजा उन्हें परेशान होना पड़ा। हालांकि कई मरीजों को चिकित्सकों ने अपने स्तर पर सामान उपलब्ध करवाया।
अस्पताल में पूर्वाह्न 11:00 बजे के बाद मरीजों ने ओपीडी से निकलकर पर्ची काउंटर के पास बने दवा काउंटर की ओर जाना शुरू किया। दवाइयां न मिलने के कारण सरकारी दवा की दुकान पर गए। जहां उनसे पहले पर्ची ली गई, फिर मरीजों का बारी-बारी कर नाम लिया गया। कई मरीजों को दोनों जगह ही दवाइयां नहीं मिलीं और निजी दवा दुकानों के बंद होने के कारण उन्हें बिना दवा लिए ही घर लौटना पड़ा। दवा न मिलने से परेशान कुछ मरीजों व तीमारदारों ने इसे निजी दवा बिक्रेताओं की गलती बताया, तो कई मरीजों ने अस्पताल प्रशासन पर ही सवाल उठाए। कई मरीजों ने दवा बिक्रेताओं की मांगों का समर्थन भी किया। कई लोगों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को सरकारी दवा काउंटर और दवा दुकानों में सभी दवाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
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कतारों में लगने के बाद भी नहीं मिली दवा
अस्पताल में दवा दुकान पर लोग घंटों से खड़े रहे। कई लोग घंटों खड़े रहने के बाद भी दवा लेने में नाकाम रहे। एक घंटे पहले पर्ची दी थी, अब तक नंबर नहीं आया है। बाद में पर्ची देने वालों को पहले दवा मिल रही है। इससे बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।
- गीता राम, निवासी घट्टी
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मरीज हड़ताल के चलते परेशान
वार्डों में मौजूद मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही। डॉक्टर ने जो दवा लिखी है, वह निजी दवा दुकानों पर ही मिलती है। ऐसे में अब दवा खत्म होने पर मरीज के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। निजी दवा दुकानों की हड़ताल मरीजों को परेशान कर रही है। -ओम प्रकाश, निवासी जगजीतनगर
अस्पताल में दवा न होने से परेशान
निजी दुकानों में लगभग सभी दवाएं मिल जाती हैं, लेकिन वह दवाएं सरकारी दवा दुकानों पर नहीं मिल पातीं। ऐसे में अब दवा न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। निजी दवा दुकानों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए, इससे मरीजों की सेहत खराब हो रही है।
- अरविंद शर्मा, निवासी कंडाघाट
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कहीं दवा नहीं मिली, तो ऑनलाइन होगी खरीदारी
मरीजों को दवा की जरूरत होती है। सरकारी अस्पतालों में सभी दवाएं नहीं मिलतीं और कुछ निजी दवा दुकानों में दाम अधिक होते हैं। अब यदि ऑनलाइन दवाएं सस्ती और सही मिल रही हैं, तो ऑनलाइन दवा लेने में कोई बुराई नहीं है। - हर्ष, निवासी सोलन
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लोगाें की सुविधा का रखा जा रहा ख्याल
अस्पताल में मरीजों को सुविधा देने की पूरी कोशिश की जा रही है। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल की सभी सरकारी दवाओं की दुकानें खुली हैं। अस्पताल में न मिलने वाली दवाएं लोगों को यहां मिल रही हैं। ऐसे में मरीजों को दवाइयों के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। हालांकि कुछ दवाएं अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
आज से नियमित रूप से मिलेगी सुविधा
जिलेभर में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से सांकेतिक हड़ताल की गई है। ऑनलाइन दवा बिकने के कारण कई छोटे दवा विक्रेताओं को नुकसान हो रहा है। इसी के खिलाफ बुधवार को यह हड़ताल की गई। वीरवार से सभी दवा दुकानें दोबारा से खुल जाएंगी।
-वीरेंद्र सूद, अध्यक्ष, जिला दवा विक्रेता संघ सोलन