संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग घटा दी है। डेंगू की रैपिड कार्ड से जांच भी बंद कर दी है। इससे परवाणू में फिर से डेंगू के मरीज बढ़ने का खतरा सता रहा है।
हैरत की बात तो यह है कि परवाणू के साथ लगते कालका और पंचकूला में रोजाना 25 से अधिक डेंगू के मामले आ रहे हैं। वहां का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट पर है लेकिन परवाणू में पहले के मुकाबले सैंपलिंग 70 फीसदी कम कर दी है। पहले यहां परवाणू में रोजाना 80 से 90 सैंपल लिए जा रहे थे, अब केवल 20-30 सैंपलों की जांच ही की जा रही है।
वहीं विभाग का तर्क है कि वर्तमान में खांसी, जुकाम और बुखार के मामले काफी कम हो गए हैं। इसके चलते अस्पताल में जरूरी होने पर ही मरीजों को डेंगू टेस्ट लिखे जा रहे हैं। हालांकि परवाणू क्षेत्र में ही डेंगू के मामले 1,400 पहुंच गए हैं। ऐसे में घटाई गई सैंपलिंग से सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभागों ने अब फिर कोताही बरतना शुरू कर दी है। फॉगिंग समेत दवाओं का छिड़काव भी वार्डों में कम हो गया है।
उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कविता ने कहा कि अब डेंगू के मामले काफी कम हो गए हैं। हालांकि ईएसआई अस्पताल परवाणू में रोजाना जांच की जा रही है। वर्तमान में डेंगू का आंकड़ा 1,403 के पहुंच गया है।