अधिकांश आबादी को सीवरेज सुविधा से जोड़कर शहर को साफ और स्वच्छ बनाने की मुहिम कुछ सरकारी विभागों की कोताही के चलते हांफने लगी है। सीवरेज की पाइपें बिछाने के बावजूद सरकारी कालोनियों को इस सुविधा से नहीं जोड़ा जा रहा।
न तो विभाग और न ही नगर परिषद के नुमाइंदे इस तरफ सख्त कार्रवाई को ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में करोड़ों खर्च करके शहर में बिछाई जाने वाले सीवरेज की योजनाओं का दम फूलने लगा है।
ग्राउंड रिपोर्ट-1
वार्ड नंबर छह इसका जीता जागता उदाहरण है। यहां सीवरेज की पाइपें बिछा दी हैं। निजी भवनों में सीवरेज के कनेक्शन बांट दिए गए हैं। लोग खुद सीवरेज के कनेक्शन से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन बात अटकी है तो सरकारी कालोनियों पर। यहां छह सरकारी कालोनियों में पाइपें बिछने के बाद सीवरेज से जोड़ा जाना है। लेकिन सरकारी विभागों की अनदेखी के चलते कालोनियों सीवरेज की सुविधा से नहीं जुड़ पाई हैं। वहीं संबंधित विभागों के अधिकारी इस संदर्भ में जिम्मेवारी उठाने को तैयार नहीं है। एक दूसरे का कार्य क्षेत्र की बात कहकर पल्लू झाड़ रहे हैं।
सड़कें भी नहीं हो पा रही हैं दुरुस्त
सीवरेज बिछाने के लिए उखड़ी सड़कें भी इस कारण दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। तर्क दिया जा रहा है कि कालोनियों में सीवरेज की कनेक्टिविटी के लिए सड़कें फिर से खोदी जा सकती हैं। लिहाजा वार्ड नंबर छह में सीवरेज की पाइप जहां तक पहुंचनी थी पहुंचा दी गई हैं। आगे सरकारी भवनों में यह जानी है। ऐसे में पाइपों को सही तरीके से बिछाने लिए सड़कों को फिर से उखाड़ा जा सकता है।
यह केवल एक वार्ड की समस्या नहीं
सोलन के कई वार्ड सीवरेज से जुड़ चुके हैं लेकिन कई वार्डों में अभी तक सर्वे तक नहीं हो सका है। जहां हुए भी हैं, वहां कई स्थानों पर लोग अपने घरों के आगे सीवरेज पाइपें गुजरने से आनाकानी कर रहे हैं। यही नहीं कई सरकारी विभागों के भवन और शिक्षण संस्थानों के होस्टलों में सीवरेज की सुविधा नहीं है या होते हुए भी कनेक्शन नहीं लिए जा रहे हैं।
विभागों को दी गई सूचना : वर्मा
वार्ड पार्षद सत्या वर्मा ने कहा कि इस संबंध में लोनिवि और अन्य विभागों को सूचना दे दी गई है। लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। कालोनी में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों और कुछ कर्मचारी नेताओं को भी इस बारे में अवगत करवाया है। लेकिन कालोनियों तक कनेक्शन नहीं पहुंच सके हैं। यह मुद्दा नप के हाउस में उठाया जाएगा।
कार्रवाई का है प्रावधान : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। अगर शिकायत पहुंचती है तो नप के माध्यम से आगामी कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों से संपर्क किया जाएगा। जहां तक वार्ड नंबर छह का सवाल है, यह आधा ही सीवरेज से जुड़ा है। जहां सीवरेज कनेक्शन हैं वहां लोग कनेक्टिविटी नहीं ले रहे। यहां नगर परिषद कार्रवाई कर सकती है। ऐसे मामलों में 25000 रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है।