गर्म-सर्द मौसम में मशरूम सिटी सोलन में खुंब की पैदावार से जुड़े किसानों को खास ध्यान देने की जरूरत है
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गर्म-सर्द मौसम में मशरूम सिटी सोलन में खुंब की पैदावार से जुड़े किसानों को खास ध्यान देने की जरूरत है। यह मौसम मशरूम की पैदावार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस मौसम में ढिगरी (खुंब) की कलिकायों को बनने और उनके विकास के लिए प्रकाश की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए हर रोज चार से पांच घंटे ट्यूबलाइट अथवा बल्ब का प्रकाश अवश्य देना चाहिए। इससे खुंब की पैदावार अच्छी होने की संभावना है। नौणी विवि के वैज्ञानिकों ने किसानों से इस मौसम में खुंब की अच्छी पैदावार के लिए यह हिदायत जारी की है।
खुंब वाले कक्ष की आर्द्रता भी लगभग 70 से 80 प्रतिशत रखने की अपील की है। फर्श, दीवारों तथा थैलों पर फव्वारे से पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए। पानी का छिड़काव हमेशा ढिगरी तोड़ने के बाद करना चाहिए। किसान कमरे की खिड़कियां तथा दरवाजे दो घंटे तक खुले रखें। विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक संचार डॉ. एसके गुप्ता के बताया कि इस मौसम में सेब के पौधों में नत्रजन की आधी मात्रा डालनी चाहिए। साथ ही किसान पौधों में सूक्ष्म तत्वों की कमी के लिए सेब के बगीचों में मल्टीफ्लैक्स, ट्रेसल और एग्रोमिन का छिड़काव अवश्य करें। अखरोट, सेब, आडू और खुमानी को चिप चश्मा लगाकर प्रवधर्न करने के लिए भी समय उत्तम है। इसके साथ ही खेतों और बगीचों में वर्षा जल एकत्रित करने के लिए उचित प्रबंधन करें।
अचार और चटनी बनाए किसान
इस माह लीची का रस, स्क्वैश बनाकर परिरक्षित किया जा सकता है। साथ ही कच्चे आम से अचार, चटनी तथा इस सुखाकर अमचूर भी बनाया जा सकता है। आम से किसान नेक्टर और पापड़ भी तैयार कर सकते हैं। नौणी विवि के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसम स्क्वैश, आचार और चटनी के लिए काफी बेहतर है।