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Solan News: रसोई का बजट बिगाड़ रहे गैस सिलिंडर के दाम

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र​क्षिता ठाकुर, युवति। परिचर्चा।
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29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी, महंगाई पर किए सवाल
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शहरों में इंडक्शन और गांवों में चूल्हे को बनाना होगा विकल्प
निशिल मेहता

सोलन। घरेलू गैस सिलिंडरों के लगातार बढ़ते जा रहे दामों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को भी घरेलू गैस सिलिंडरों के दाम 29 रुपये बढ़ गए। अब घरेलू गैस सिलिंडर लोगों को 990 रुपये की जगह 1019 रुपये में मिलेगा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि दाम बढ़ने पर लगाम लगनी चाहिए। गृहिणियों ने कहा कि सिलिंडरों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, समय पर भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। शहर के आसपास के गांवों के लोगों ने कहा कि सिलिंडर से पहले गांव में लकड़ियों के सहारे ही चूल्हों पर खाना पकाया जाता था। उन्होंने कहा कि अब वही समय दोबारा आने वाला है। गांव में अब दोबारा लकड़ियां जलेंगी और चूल्हों पर ही खाना पकाया जाएगा। किसानों का कहना है कि पहले ही आमदनी कम है और ऐसे में सिलिंडर के महंगा होने से घर में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा।
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आर्थिक स्थिति पर होगा असर
सब्जियां खराब हो रही हैं। मंडी में दाम नहीं मिल पा रहे हैं, महंगाई बढ़ती जा रही है। इस बीच सिलिंडर महंगा होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति पर काफी असर पड़ेगा। घरों में खाना बनाने के लिए लोगों को अब जेब और ढीली करनी होगी। गांवों में लकड़ियां जलाकर खाना बनना शुरू हो जाएगा। शहर में लोगों को इंडक्शन का सहारा लेना पड़ेगा।
-राजू, किसान
घर चलाना होगा मुश्किल
गांव में लोग सिलिंडर न होने पर चूल्हे में आग जलाकर खाना बना सकते हैं। शहर में यह विकल्प भी नहीं है। इंडक्शन का इस्तेमाल करें तो बिजली का बिल अधिक आता है। अब सिलिंडर का इस्तेमाल करें तो वह भी महंगा मिलेगा। ऐसे में घर चलाना मुश्किल होगा। इंडक्शन पर पूरा खाना नहीं बन पाता। शहर में लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
-आशा, गृहिणी
गांव में जलाना होगा चूल्हा
सिलिंडर महंगा होने के कारण लोगों को परेशानी हो सकती है। गांवों में अभी लोग सिलिंडर का इस्तेमाल कर खाना बना रहे हैं। सिलिंडर महंगा होने के कारण शहर के लोगों को परेशानी होगी, लेकिन गांव में खाना बनाने के लिए लोगों के पास विकल्प के रूप में लकड़ी और चूल्हा है।

-रक्षिता ठाकुर, युवतीकाम छोड़कर भरवाना पड़ता है सिलिंडर
लोगों को आज के समय में काम छोड़कर सिलिंडर भरवाना पड़ रहा है। इसके लिए विशेष छुट्टी लेनी पड़ती है। दिहाड़ी-मजदूरी करने वालों का काफी नुकसान होता है। सिलिंडर महंगा होने के कारण अब शहर के गरीब लोगों के लिए घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में कई लोगों को परेशानी होगी।
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-रनवीर शर्मा, कर्मचारी

रक्षिता ठाकुर, युवति। परिचर्चा।

रक्षिता ठाकुर, युवति। परिचर्चा।

रक्षिता ठाकुर, युवति। परिचर्चा।

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