नालागढ़ के निजी अस्पताल में 27 जनवरी को उपचार के दौरान एक महिला की मौत के मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही नहीं पाई गई है। महिला की मौत के और ही कारण रहे हैं। लोगों के हंगामे पर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन पर 304ए लापरवाही का मामला दर्ज किया था जो एफएसएल की रिपोर्ट आ जाने के बाद निरस्त हो जाएगी।
पुलिस इस मामले में लोगों के लगाए अन्य आरोपों पर जांच कर रही है, लेकिन लोगों का असली मुद्दा महिला की मौत पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का था, जिसकी तस्वीर अब साफ हो गई है।
नालागढ़ उपमंडल के नंगल गांव की एक प्रसूता महिला नालागढ़-स्वारघाट मार्ग पर दत्तोवाल स्थित लार्ड महावीरा अस्पताल में उपचार के लिए आई थी, जिसे तुरंत ही पीजीआई रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई थी। 27 जनवरी की इस घटना के बाद ग्रामीण एकत्रित हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और शहर में प्रदर्शन किया।
लोगों ने आरोप जड़ा कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है, लेकिन उपमंडल प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच करवाने का आश्वासन दिया था। महिला का पोस्टमार्टम करवाया गया और बिसरा जांच के लिए एफएसएल भेजा गया था। करीब चार माह बाद आई रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की कोई भी लापरवाही नहीं पाई गई।