कारोबारियों के न आने से बंद हो गई थी मंडी, कोल्ड स्टोरेज न होने से मुरझाया था कारोबार
मंडी समिति ने खर्च किए थे करोड़ों रुपये, नहीं मिला था कोई फायदा
जून-जुलाई में होगी दुकानों की नीलामी
पारुल शर्मा
परवाणू (सोलन) हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू में प्रदेश की पहली फूल मंडी अब अपने पुराने स्वरूप में नजर नहीं आएगी। साल 2022 में बड़े अरमानों के साथ शुरू हुई यह मंडी फूलों की खुशबू बिखेरने में नाकाम रही, जिसके बाद अब सरकार ने यहां फल और सब्जियों का कारोबार शुरू करने का फैसला लिया है। आगामी सेब सीजन को देखते हुए मई-जून में यहां की दुकानों को नए व्यापारियों को आवंटित किया जाएगा। 15 मई 2022 को इस मंडी का भव्य उद्घाटन किया गया था। करीब 13 हजार रुपये प्रति माह के किराए पर व्यापारियों ने 10 दुकानें ली थीं, लेकिन महज छह महीने में ही कारोबार ठप हो गया। इसके पीछे मुख्य वजह सोलन और चायल के फूलों का सीधा दिल्ली जाना और नजदीक ही चंडीगढ़ की बड़ी फूल मंडी का होना रहा। सबसे बड़ी बाधा कोल्ड स्टोरेज की सुविधा न होना रही, जिससे फूलों की गुणवत्ता बनाए रखना नामुमकिन हो गया और ग्राहकों का मोहभंग हो गया। फूलों का काम बंद होने के बाद यहां आलू, प्याज और लहसुन का व्यापार आजमाया गया था। विशेषकर लहसुन के निर्यात ने यहां अच्छा कारोबार दिया, जिससे यह साफ हो गया कि यह स्थान फल-सब्जी व्यापार के लिए मुफीद है। हालांकि, वर्तमान में सभी 10 दुकानें खाली पड़ी हैं और इनके आवंटन की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने वाली है। संवाद
कोट
मई-जून में इन दुकानों को फल और सब्जियों के व्यापार के लिए किराये पर देने की योजना है। जून-जुलाई के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत इन दुकानों की खुली नीलामी की जाएगी। नए व्यापारियों को आवंटित होने के बाद यहां दोबारा रौनक लौटने की उम्मीद है।
-राजेश,प्रभारी, सेब मंडी,परवाणू