सर्विस लेन के लिए छावनी, सेना व डीओ ने 2022 में उपलब्ध करवा दी थी जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली(सोलन)। परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर कुमारहट्टी में फोरलेन निर्माण के चार-पांच वर्ष बाद भी यातायात की समस्या बनी हुई है। फोरलेन के दोनों ओर सर्विस लेन का निर्माण नहीं हो पाया है। भूमि उपलब्ध होने के बावजूद परियोजना पिछले चार वर्षों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का इंतजार कर रही है।
वर्तमान में सर्विस लेन केवल फ्लाईओवर के आसपास ही बनी है और वह भी एकल लेन है। दूसरी ओर सर्विस लेन नहीं होने से स्थानीय वाहनों को कई स्थानों पर तेज रफ्तार फोरलेन पार करना पड़ता है। यह स्थिति दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा बनी हुई है। कुमारहट्टी से धर्मपुर की ओर सर्विस लेन के लिए करीब 4,370 वर्ग मीटर भूमि वर्ष 2022 में ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को कार्य उद्देश्यों के लिए दे दी गई थी। इसके अलावा सर्विस लेन के लिए आवश्यक अन्य भूमि भी लगभग पूरी तरह अधिग्रहित की जा चुकी है। इसके बावजूद वर्ष 2026 में भी डीपीआर तैयार नहीं हुई है।
सर्विस लेन के लिए कैंटोनमेंट, आर्मी और डीओ से संबंधित 4,370 वर्ग मीटर भूमि एनएचएआई को 2022 में मिली थी। अन्य आवश्यक भूमि भी लगभग पूरी तरह अधिग्रहित की जा चुकी है। भूमि उपलब्ध होने के बावजूद परियोजना पिछले चार वर्षों से अटकी हुई है। फ्लाईओवर के नीचे करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया डक्ट भी अपेक्षित लाभ नहीं दे रहा है। फ्लाईओवर के दोनों सिरों पर सुरक्षा जोखिम बना हुआ है। वाहनों को न्यू वैदिक और पेट्रोल पंप के पास पूरा फोरलेन पार करना पड़ता है। जहां सर्विस लेन बनी है, वहां दोनों दिशाओं का यातायात इसी संकरी एकल लेन से गुजरता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कलोल से पट्टा मोड़ तक फोरलेन के दोनों ओर सर्विस लेन के निर्माण की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। उनका कहना है कि इससे स्थानीय यातायात को सुरक्षित मार्ग मिलेगा और तेज रफ्तार फोरलेन को क्रॉस करने की मजबूरी समाप्त होगी।
उधर, एनएचएआई के परियोजना निदेशक आनंद दहिया ने बताया कि सर्विस लेन की अभी डीपीआर तैयार नहीं हुई है। पहले डीपीआर तैयार होगी, फिर स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।