उपायुक्त कार्यालय के बाहर दिया धरना, जमकर की नारेबाजी
बोले, पहले से बसाए टाउनशिप में अभी तक सरकार नहीं दे पाई सुविधाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू और विधायक चौधरी के बयान एक-दूसरे हैं विपरीत
किसानों ने उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। शीतलपुर में प्रस्तावित हिम चंडीगढ़ न्यू टाउनशिप के विरोध में किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। संडोली, मलपुर, किशनपुरा और सनेड़ पंचायतों के किसानों ने सोलन स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा।
संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान भाग सिंह कुंडलस, महासचिव चिंतन कुमार, किशनपुरा पंचायत प्रधान सुरजन सैणी, गगनदीप सिंह नंबरदार, कोषाध्यक्ष कृष्ण कौशल, ज्ञान चंद, बाबू राम, अवतार सिंह, देवीराम, रामलाल, रूलदा राम, सरदार भाग सिंह सहित हिम परिवेश संस्था के गुरदयाल चंदेल, दीपू चंदेल, रमेश, निर्मल सिंह, इब्राहिम, पवन पंडित समेत दो दर्जन किसान उपायुक्त कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने हिम चंडीगढ़ न्यू टाउनशिप का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
संघर्ष समिति के प्रधान भाग सिंह कुंडलस ने आरोप लगाया कि किसानों को विश्वास में लिए बगैर ही करीब 3200 बीघा जमीन सरकार ने हिमुडा के नाम कर दी है। उन्होंने कहा कि बद्दी के शीतलपुर में 2000 बीघा जमीन पर टाउनशिप बनाई जा रही है। करीब 1 हजार बीघा सरकारी और इतनी ही निजी जमीन इसमें शामिल की जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो किसान भूमिहीन हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब बीबीएनडीए ने औद्योगिक क्षेत्र बद्दी का विकास किया था, तब संडोली पंचायत के शीलपुर, लंडेवाल, कल्याणपुरा सहित सरसा खड्ड से सटे क्षेत्रों को ग्रीन बेल्ट घोषित किया था। यहां लाखों पौधे लगे हैं। यदि यहां टाउनशिप बनाई गई तो पूरा क्षेत्र कंकरीट में तबदील हो जाएगा।
कृष्ण कौशल ने कहा कि बद्दी में पहले ही हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी और मधाला में टाउनशिप मौजूद है। यहां आधे से अधिक प्लाट अभी भी खाली हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से ट्रक यूनियन की ओर से कनेक्टिविटी नहीं है। वहां रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है।
चिंतन कुमार और दीपू चंदेल ने कहा कि विधायक और मुख्यमंत्री के बयानों में विरोधाभास है। विधायक का कहना है कि निजी जमीन नहीं ली जाएगी, जबकि मुख्यमंत्री के अनुसार करीब 1000 बीघा जमीन लैंड पूलिंग के तहत ली जाएगी। इससे किसान गुमराह हो रहे हैं। उन्होंने दोटूक कहा कि किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।
बाद में किसानों ने उपायुक्त मनमोहन शर्मा से मुलाकात कर पन सौंपा। उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि फिलहाल सरकार किसी भी निजी जमीन का अधिग्रहण नहीं कर रही है और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
सोलन में किसानों उपायुक्त को ज्ञापन देते हुए- संवाद