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Solan News: नए औद्योगिक क्षेत्रों में लघु उद्योगों के लिए प्लाट निर्धारित करने की उठाई मांग

Fri, 15 Dec 2023 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधिमंडल मांगो को लेकर उपनिदेशक से मिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। लघु उद्योग भारती की प्रदेश इकाई ने उद्योग विभाग के उप निदेशक के माध्यम से निदेशक को मांग पत्र सौंपा है। जिसमें सरकार व विभाग को नई औद्योगिक नीति बनाने से पहले उनके इन सुझाव पर अमल करने का आग्रह किया है।
पत्र के माध्यम से लघु उद्योग भारती ने कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्र भूड़ व कृपालपुर में शेष क्षेत्र को एमएसएमई को आरक्षित करने की मांग की है। इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हरबंस पटियाल ने बताया कि भूड़ और कृपालपुर में नव विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में प्रमुख क्षेत्र पहले ही इंडो-फार्म और कुछ अन्य बड़े उद्योगपतियों के घरानों को आवंटित किए जा चुके हैं। जबकि छोटे उद्योग बहुत छोटी अपर्याप्त निजी भूमि पर या किराए के भवनों के शेडों में चल रहे हैं। छोटे उद्योगों के लिए भी निर्धारित क्षेत्र आवंटित किए जाएं।
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उन्होंने बीबीएन में एक सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक योजना विकसित करने का अनुरोध किया। इकाई का सुझाव है कि या तो धारा 118 को पूरी तरह से वापस ले ली जाए या फिर प्रक्रिया को छोटा कर दिया जाना चाहिए और अनुमति देने के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय सीमा तय की जानी चाहिए।
प्रदेश महासचिव संजीव शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 11 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर दी गई है। यह उन छोटे उद्यमियों पर बहुत बड़ा बोझ है जो बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बढ़ी हुई ईडी को वापस लेने की मांग की है। मार्च से ऊर्जा शुल्क 4.80 से बढ़ाकर 5.06 रुपये कर दिया गया ऐसे में छोटे उद्यमी कैसे अपना गुजारा करेंगे। वहीं बीबीएन में सड़कों की हालत सुधारने की भी मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त वस्तु कर एक ऐसा कर है जो केवल हिमाचल प्रदेश में लगाया जाता है और देश में कहीं और नहीं लगाया जाता है। एक बार जब जीएसटी सभी करों सहित एक सामूहिक कर के रूप में लगाया गया है, तो यह एजीटी केवल हिमाचल प्रदेश में ही क्यों लगाया जाता है। इस वजह से ज्यादातर ग्राहक उनसे सामान खरीदने से इनकार कर देते हैं और दूसरे राज्यों में जाना पसंद करते हैं। सभी मदों से एजीटी को वापस लिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से 2017 में घोषित आईडीएस के तहत सब्सिडी अभी तक नहीं मिली है। 30 फीसदी सब्सिडी पाने की उम्मीद में उद्यमियों ने कई करोड़ का निवेश किया, लेकिन सब व्यर्थ रहा। ऐसे में वह सब्सिडी भी दी जाए।
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उधर, उद्योग विभाग के उप निदेशक योगेश शर्मा ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इसे निदेशक के ध्यानार्थ भेजा जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष व महासचिव के अलावा कोषाध्यक्ष अनिल मोहन भी मौजूद रहे।







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