खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमों का किया गठन, फास्ट फूड, मिठाइयों के साथ पानी के भरे जाएंगे सैंपल
साफ-सफाई न होने पर नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेले के दौरान इस बार शहर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और पेयजल की गुणवत्ता पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर में मेले के तीन दिनों के दौरान खाने-पीने की दुकानों और लगने वाले भंडारों की जांच के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम के सहायक आयुक्त डॉ. अतुल कायस्त की देखरेख में मुस्तैदी से कार्य करेंगी। इसके अलावा मेले में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा विभाग ने स्पष्ट किया गया है कि मेले के दौरान बिकने वाले फास्ट फूड, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ-साथ पीने के पानी के भी सैंपल भरे जाएंगे। नगर निगम आयुक्त सोलन एकता कप्टा ने बताया कि मेले में अस्थायी तौर पर लगने वाली दुकानों और स्टॉलों पर यदि साफ-सफाई की कमी पाई गई, तो दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा, मेले में विभिन्न संस्थाओं की ओर से लगाए जाने वाले भंडारों पर भी पैनी नजर रहेगी। टीमें इस बात का निरीक्षण करेंगी कि जहां भोजन तैयार हो रहा है और जहां परोसा जा रहा है, वहां स्वच्छता और व्यक्तिगत हाइजीन का पूरा पालन हो रहा है या नहीं। इस बार शूलिनी मेले को पर्यावरण अनुकूल और स्वच्छ बनाए रखने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई दुकानदार या भंडारा आयोजक प्रतिबंधित प्लास्टिक की बोतलें, डिस्पोजेबल कप, प्लेट या अन्य सामग्री का उपयोग करता हुआ पाया गया, तो मौके पर ही भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।