दभोटा में ठेके के बाहर खड़ी पुलिस फोर्स। स्रोत:
सात माह में लोगों के विरोध से था बंद, लोगों ने लगाया टेंट, बोले शांतिपूर्वक तरीके से करते रहेंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। दभोटा में पिछले सात महीनों से चल रहा शराब के ठेके का विवाद सोमवार को एक नए मोड़ पर पहुंच गया। अदालत के आदेशों के बाद नालागढ़ पुलिस की मौजूदगी में सुबह ही शराब का ठेका खोल दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों का विरोध अभी भी जारी है और सुरक्षा की दृष्टि से ठेके के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संघर्ष समिति ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है। समिति के प्रधान जसबीर सिंह और सचिव जिंदर पाल की अगुवाई में ग्रामीणों ने ठेके के ठीक सामने अपना टेंट लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। यह टेंट पहले भी लगा हुआ था, लेकिन मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण आंदोलन धीमा पड़ गया था। ग्रामीणों का तर्क है कि दभोटा क्षेत्र कबड्डी खिलाड़ियों के लिए विख्यात है। यहां के कई युवा इंडिया कबड्डी और प्रो-कबड्डी लीग में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पहले से ही दो ठेके मौजूद हैं और अब तीसरा ठेका खुलने से युवा पीढ़ी नशे के जाल में फंस सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की भावनाओं को दरकिनार कर क्षेत्र को नशे की ओर धकेल रही है। डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना करते हुए सोमवार से ठेका खोल दिया गया है। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और कोई अनहोनी घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोमवार को पूरा दिन ठेका शांतिपूर्वक चलता रहा।