औद्योगिक शहर बीबीएन में अब अवैध रूप से तैयार हो चुुके भवनों के नक्शों को बीबीएनडीए से पास किया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने लोगों को अपने मकान, व्यावसायिक और औद्योगिक परिसरों में सैटबैक को लेकर 70 फीसदी तक के अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए औद्योगिक शहर बीबीएन में रिटेंशन पॉलिसी को लागू कर दिया है।
इसके तहत औद्योगिक क्षेत्र में तकरीबन 5000 हजार भवन मालिकों को लाभ मिलेगा। बीबीएनडीए के सीईओ ललित जैन ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में इसका खुलासा किया है। कहा कि इच्छुक 29 जुलाई तक 11 सौ रुपये के साथ ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। कहा कि सरकार की इस योजना के तहत बीबीएनडीए के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्रकार के भवनों में सैटबेक को लेकर 70 फीसदी अवैध निर्माण वाले नक्शों को स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट और एक निर्धारित शुल्क के साथ पास किया जाएगा।
यह तय की गईं हैं शर्तें
16 जून 2016 तक हुए निर्माण को इस पॉलिसी के दायरे में रखा है। इसमें पांच मंजिला से अधिक ऊपर की इमारतों को भी पास किया जा सकेगा। इसमें एक भवन के लिए दो बार आवेदन नहीं किया जा सकेगा। आवेदन पर एक साल के भीतर बीबीएनडीए फैसला लेने का अधिकार रखेगा। इस प्रकार के निर्माण का नक्शा पास करवाने के लिए आवेदक को सरकारी मान्यता प्राप्त सिविल इंजीनियर से स्ट्रक्चर, स्टेबिलिटी की ऑडिट रिपोर्ट को भी देना होगा। इसके बाद बीबीएनडीए स्वयं भवन का जायजा लेगा। पॉलिसी के तहत लैंड यूज यानी रेजिडेंशियल से कॉमर्शियल यूज करने पर भी नक्शा पास किया जा सकेगा।
11 सौ रुपये फीस के साथ आनलाइन आवेदन
बीबीएनडीए के पास अवैध निर्माण का नक्शा पास करवाने के लिए आवेदक को एक हजार रुपये के साथ एक सौ रुपये ई-चार्जिज के रूप में देने होंगे। इसके बाद भवन की प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से रेग्यूलराइजेशन फीस अलग से देनी होगी। औद्योगिक शहर बीबीएन में नगर परिषद नालागढ़, एचपीएसआईडीसी, डीआईसी और हिमुडा के अतिरिक्त बीबीएनडीए के अधीन करीब पांच हजार अवैध निर्माण का आंकड़ा बताया जा रहा है। प्रदेश सरकार की इस रिटेंशन पॉलिसी का इन लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
अपील का भी है प्रावधान
बीबीएनडीए से आवेदन के बावजूद नक्शा पास न होने पर इसके लिए सेक्रेटरी टीसीपी को भी अपील की जा सकती है। यहां दोबारा नक्शा पास करने को लेकर रिटेंशन पॉलिसी का सहारा लिया जा सकता है। पॉलिसी में प्रदेश सरकार की ओर से बीपीएल के दायरे में आने वालों को शुल्क में 50 फीसदी की छूट दी गई है ताकि लोगों पर अधिक आर्थिक बोझ न पड़े।
पार्किंग में अवैध निर्माण मान्य नहीं
भवन के पार्किंग एरिया में अवैध निर्माण होने पर बीबीएनडीए इसे पॉलिसी के माध्यम से मान्य नहीं करेगा। पार्क में भी भवन निर्माण करने पर नक्शा पास नहीं किया जाएगा। इसके अलावा एतिहासिक भवनों में तबदीली करने पर नक्शा पास किया जा सकेगा।
यह शुल्क किया है निर्धारित
सैटबेक में 35 फीसदी तक अवैध निर्माण पर आवेदक को नगर परिषद एरिया में ग्राउंड फ्लोर पर 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 400 रुपये इससे ऊपर की मंजिलों के लिए देना होगा। 35 फीसदी से अधिक के अवैध निर्माण पर दोगुना शुल्क देना होगा। बिना स्वीकृति भवन पर 100 वर्ग मीटर तक अतिरिक्त मंजिल तैयार करने पर नगर परिषद एरिया में 15 सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा नगर परिषद एरिया से बाहर 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क के रूप में देने होंगे। 100 वर्ग मीटर से अधिक एरिया में यह शुल्क का दोगुना देना होगा।
बिना नक्शा पास करवाए भवनों के लिए फीस
अगर बिना नक्शा पास करवाए नगर परिषद एरिया में किसी भवन का निर्माण किया गया और सैटबेक 35 फीसदी तक अवैध बने हैं तो ग्राउंड फ्लोर के लिए 2400 रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा इससे ऊपर की मंजिलों के लिए 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर देने होंगे। नप एरिया से बाहर पढ़ने वाली जमीन पर 1200 रुपये ग्राउंड फ्लोर और 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर इससे ऊपर की मंजिलों के लिए देने होंगे। अवैध भवन निर्माण में सैटबेक की जगह पर 70 फीसदी तक अवैध निर्माण पर यह फीस का दोगुना होगी।
एक से अधिक अवैध निर्माण पर फीस
एक से अधिक अवैध निर्माण में अगर भवन निर्माण को लेकर स्वीकृति नहीं है और इमारत को बहुमंजिला बनाया है तो 100 वर्ग मीटर के लिए नगर परिषद एरिया में 4500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा नप क्षेत्र से बाहर 3000 रुपये प्रति वर्ग मीटर फीस के रूप में देने होंगे। 100 वर्ग मीटर से अधिक की बहुमंजिला इमारत के लिए यह शुल्क का दोगुना देना होगा।