फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: काठा में 17 घंटे के बाद आग पर पाया काबू, लाखों का नुकसान

विज्ञापन
बद्दी के काठा में आग से जलता हुआ पंखा उद्योग- संवाद।
विज्ञापन
पंखा उद्योग मार्क इंटरनेशनल में लगी थी आग, दमकल विभाग ने समय रहते आग से करोड़ों की संपत्ति बचाई
विज्ञापन

उद्योगों की सुरक्षा के दावों पर फिर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। काठा स्थित पंखा उद्योग मार्क इंटरनेशनल में 17 घंटे बाद आग पर काबू पा लिया है। आग बुझाने में आठ फायर टेंडर एक साथ काम करते रहे। हालांकि सुबह तड़के 3 बजे आग पर काबू पा लिया था, लेकिन वीरवार दोपहर 1:30 बजे आग पूरी तरह से बुझाई गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उद्योग की दो मंजिलें इसकी चपेट में आ गईं। घटना स्थल ईएसआईसी अस्पताल के सामने स्थित औद्योगिक क्षेत्र में होने के कारण आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल बन गया। दमकल विभाग की पांच गाड़ियां और वर्धमान व बिरला उद्योगों से तीन अतिरिक्त फायर टेंडर मौके पर पहुंचे। 6 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि जिस हिस्से में आग लगी उसके साथ ही उद्योग की दुकान मौजूद थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने कड़ी मेहनत से आग को वहां तक फैलने से रोक दिया। यदि आग उस सेक्शन तक पहुंच जाती तो पूरा उद्योग आग की चपेट में आ सकता था। हैरानी की बात यह है कि इस उद्योग में पिछले वर्ष भी आगजनी की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर न उद्योग प्रबंधन ने गंभीरता दिखाई और न ही प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई की। दरअसल, झाड़माजरी परफ्यूम फैक्ट्री अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार ने औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन उद्योगों में सेटबैक, फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी नियमों की अनदेखी पाई जाए, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन मार्क इंटरनेशनल में लगातार दूसरी बार आग लगना इस बात का संकेत है कि सरकारी एडवाइजरी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है।

उद्योग परिसर में फायर टेंडर के प्रवेश के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उद्योग में न पर्याप्त सेट बैक छोड़ा गया है और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम सही स्थिति में है। दमकल विभाग को सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर आग बुझानी पड़ी क्योंकि उद्योग परिसर में फायर टेंडर के प्रवेश तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इससे जुड्डीकलां क्षेत्र में घंटों जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यह दूसरी-तीसरी बार है जब इस उद्योग में आग लगी है, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



कोट
रात 8:45 बजे बद्दी फायर स्टेशन को सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत सभी गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। बद्दी से चार, नालागढ़ से दो, बिरला व वर्धमान से एक एक फायर टेंडर आग बुझाने में जुट गया था। मध्य रात्रि 3 बजे तक आग पर काबू पा लिया था, लेकिन प्लास्टिक व गत्ते में आग बार-बार सुलग रही थी। विभाग ने अन्य गाड़ियों को सुबह तीन बजे ही लौटा दिया था। दो फायर टेंडर को दोपहर 1:30 बजे तक आग पूरी तरह से बंद होने पर ही बुलाया गया। आग से लाखों का नुकसान हुआ है और वहीं करोड़ की संपत्ति को बचाया गया है।
हेमराज, फायर ऑफिसर,दमकल विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें