स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश, बारिश के मौसम में बढ़े संदिग्ध मरीज, अस्पतालों को रोजाना रिपोर्ट भेजने के आदेश
अस्पतालों में वार्ड और दवाओं के इंतजाम पूरे, चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में स्क्रब टायफस का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। इस वर्ष अब तक जिले में स्क्रब टायफस के 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से मानसून शुरू होने के बाद ही आठ नए मरीज सामने आए हैं। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना दो से तीन संदिग्ध मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जिले का हर अस्पताल रोजाना स्क्रब टायफस के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट मुख्य कार्यालय को भेजेगा। सभी चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहकर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है, ताकि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो। हाल ही में आईजीएमसी शिमला में भी सोलन के एक मरीज में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है।
बचाव के उपाय, रखें ये सावधानियां
घास या झाड़ियों वाले इलाकों में जाते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें। इससे ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक जीवाणु के संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है।
घर में मौजूद पालतू जानवरों की नियमित सफाई और जांच करें, ताकि वे इस संक्रमण को घर के भीतर न ला सकें।
कोट
विभाग की ओर से सभी अस्पतालों और चिकित्सा अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी से अब तक जिले में 20 मामले सामने आ चुके हैं। संदिग्ध मरीजों की लैब में नियमित जांच की जा रही है और मामले बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त तैयारियां हैं। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन