नालागढ़ (सोलन)। लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से किसानों ने चिकनी खड्ड में जाकर ख्वाजा पीर की पूजा अर्चना की। किसानों ने जल्द बारिश की अरदास भी की। किसानों का कहना है कि बारिश न आने से किसानों की धान और मक्की की फसल नष्ट हो गई है। नालागढ़ क्षेत्र में 9700 हेक्टेयर जमीन पर मक्की और 4000 हेक्टेयर जमीन पर धान की फसल लगाई है। किसानों ने सिंचाई करते फसल तो लगा दी है लेकिन अब बारिश के अभाव में सूखने के कगार पर है।
किसान चिकनी खड्ड से पानी उठाकर अपने खेतों की सिंचाई करते हैं लेकिन बारिश न होने से चिकनी खड्ड का पानी सूख गया है। ढांग निहली पंचायत के किसान हिम्मत सिंह, सदाराम, सुखदेव, राम दयाल, सर्वजीत सिंह, अवतार सिंह, हरबंस सिंह ने बताया कि बारिश के लिए किसान नदी नालों में जाकर ख्वाजा पीर को मनाने में लगे हैं। लोग मीठे चावल बनाकर पूजा अर्चना कर बारिश आने की आराधना कर रहे हैं। खड्ड के पानी सूखने से उनकी खेत में लगे धान और मक्की सूख गई है। जिन लोगों ने मक्की लगाई थी वह सूखे के चलते मिट्टी से बाहर नहीं आई है। जिससे मंहगा बीज खराब होने की संभावना बढ़ गई है। जिन किसानों की बीच निकल गया है वह भी पानी के अभाव में मुरझाने लगी है। अब किसान अपनी फसल को बचाने के लिए ख्वाजा को मनाने में लगे हैं।