सोलन के पुराने डीसी चौक में किसान आंदोलन को लेकर महिला थाने के बाहर मैदान में नारेबाजी करते हुए। ?
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सोलन। भारत बंद सोलन में बेअसर रहा। सुबह से ही बाजार आम दिनों की तरह खुले और लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करते नजर आए। ऑटो और बसों सहित अन्य निजी वाहन भी दिन भर चलते रहे। हालांकि बाजार में भीड़ कम रही। बंद के आह्वान की वजह से लोगों की आवाजाही आम दिनों की तरह नहीं हुई। लेकिन शहर में पहुंचे लोग दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए। अपर बाजार, मालरोड सहित अन्य स्थानों पर सभी दुकानें खुली रही। बसें और ऑटो भी दिन भर चलते रहे। हालांकि भारत बंद का असर परिवहन निगम पर जरूर दिखा है। निगम ने लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए 50 रूटों पर बसों को चलाया, लेकिन सवारी न मिलने के कारण निगम को निराशा झेलनी पड़ी। 20 से 25 रूटों पर सवारी न मिलने के कारण बसों को स्टेशन पर ही खड़ा करना पड़ा है। अधिकतर रूटों पर सवारियां बसों में नहीं थी। लंबे रूट की बसों को भी सिर्फ परवाणू तक ही चलाया गया। गौरतलब है कि भारत बंद के चलते निगम ने 84 में से 50 रूटों पर बसों को चलाने का फैसला लिया था। लेकिन भारत बंद के कारण लोग घरों में कम ही बाहर निकले। प्राइवेट बसें भी चलाई गई थी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी बसों में सफर करने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई। उधर, आरएम सुरेश धीमान ने बताया कि बसों को चलाया गया था। लेकिन सवारियां कम ही मिली। उन्होंने बताया कि कुछ स्टेशनों पर बसों को खड़ा भी करना पड़ा।
सोलन में मंगलवार को भारत बंद के ऐलान में खुली पड़ी शहर की मुख्य मार्केट में चहलकदमी करते राहगीर। ?- फोटो : SOLAN