नौणी विवि में जलवायु परिवर्तन जनित आपदाओं एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्
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51 प्रतिभागियों और विशेषज्ञों के साथ पर्यावरण एवं जलवायु चुनौतियों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
नौणी(सोलन)। नौणी विवि में जलवायु परिवर्तन जनित आपदाएं एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियां विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और विभिन्न संगठनों को आपदा प्रबंधन के प्रति सक्षम बनाना था। तीन दिन तक चले इस प्रशिक्षण में कुल सात सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने 14 व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में कुल 51 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और विशेषज्ञों के साथ पर्यावरण एवं जलवायु चुनौतियों पर गहन चर्चा की। प्रो. सतीश कुमार भारद्वाज ने हिमाचल में जलवायु परिवर्तन के खतरों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। विजय सिंह ने आपदा प्रबंधन अधिनियमों और प्राधिकरण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. महेश शर्मा ने भूस्खलन शमन और पहाड़ों में जलवायु सहनशील बुनियादी ढांचे पर चर्चा की। डॉ. प्रतिमा वैद्य ने सूखा शमन, डॉ. घनश्याम अग्रवाल ने मृदा संरक्षण, डॉ. आद्या दीक्षित ने सतत विकास और डॉ. पूर्णिमा मेहता ने मौसम पूर्वानुमान की भूमिका पर जानकारी साझा की। इसके अलावा की अवधारणा पर भी मंथन किया गया। इस मौके पर यूएचएफ नौणी के प्रो. केके रैना, डॉ. सीएल ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे।