क्वारनी, नंड, लोहारघाट व साई शिक्षा केंद्रों को रामशहर से जुड़े
मझौली, बारियां, खेड़ा नानोवाल व गोयला पन्नर नालागढ़ खंड में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। शिक्षा खंड नालागढ़ में दूरस्थ चार शिक्षा केंद्रों को दोबारा रामशहर शिक्षा खंड में शामिल कर दिया है। वहीं बद्दी शिक्षा खंड के तीन और रामशहर खंड के एक शिक्षा केंद्र को नालागढ़ शिक्षा खंड में जोड़ा गया है। इस व्यवस्था से शिक्षा विभाग को बिना कारण दिए जाने वाले टीए-डीए पर रोक लगेगी, वहीं अध्यापकों का आने-जाने में लगने वाला समय भी बचेगा।
नालागढ़ शिक्षा खंड में 22 शिक्षा केंद्र हैं। इनमें से लोहराघाट, साई, नंड और क्वारनी शिक्षा केंद्र नालागढ़ से 50 किमी से भी अधिक दूरी पर स्थित थे। इन केंद्रों के अध्यापकों को प्रशिक्षण, बैठकों और अन्य विभागीय कार्यों के लिए नालागढ़ शिक्षा खंड कार्यालय आना पड़ता था, जिससे उनका पूरा दिन खराब हो जाता था। साथ ही 30 किमी से अधिक दूरी होने के कारण विभाग को टीए-डीए भी देना पड़ता था।
वहीं बद्दी शिक्षा खंड के मझोली, बारियां, खेड़ा नानोवाल तथा रामशहर खंड का गोयला पन्नर शिक्षा केंद्र नालागढ़ के नजदीक हैं। इसके बावजूद इन्हें बद्दी और रामशहर से जोड़ा गया था। इस कारण इन केंद्रों के अध्यापकों को भी अनावश्यक रूप से टीए-डीए दिया जा रहा था।
अब शिक्षा विभाग ने लोहराघाट, साई, नंड और क्वारनी शिक्षा केंद्रों को रामशहर खंड में शामिल कर दिया है, जबकि मझोली, बारियां, खेड़ा नानोवाल और गोयला पन्नर को नालागढ़ शिक्षा खंड में वापस जोड़ दिया गया है। इससे अध्यापकों का समय बचेगा और सरकार के खर्च में भी कटौती होगी।
नालागढ़ के बीपीओ अनोख सिंह ने बताया कि अब नालागढ़ शिक्षा खंड के सभी शिक्षा केंद्र 30 किमी के दायरे में आ गए हैं। इससे प्रशिक्षण और बैठकों में आने के लिए अध्यापकों का समय बर्बाद नहीं होगा और बिना कारण सरकारी धन भी खर्च नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस बदलाव के लिए नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा ने लगातार प्रयास किए। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया, जिसके बाद सरकार ने शिक्षा केंद्रों की अदला-बदली की अधिसूचना जारी कर दी। विधायक हरदीप बावा ने कहा कि इस निर्णय से अध्यापकों की परेशानी दूर हुई है और सरकार का पैसा भी बचेगा।