रेहड़ी-फड़ी से घिरी सड़कें और फुटपाथ, व्यापारियों ने नियमित अभियान चलाने की उठाई मांग
अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार भेजा प्रस्ताव
छह माह में एक बार औपचारिकता के लिए हो रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मां शूलिनी मेले के समापन के बाद शहर में एक बार फिर अतिक्रमण बढ़ने लगा है। सड़क किनारे और प्रमुख बाजारों में रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की संख्या बढ़ने से आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों की भी परेशानियां बढ़ गई हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम सोलन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगभग ठप पड़ी है, जिससे हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
शहर के बाजारों में तहबाजारी कहीं भी रेहड़ी-फड़ी लगाकर कारोबार शुरू कर देते हैं। इससे कई स्थानों पर पैदल चलने तक की पर्याप्त जगह नहीं बचती। मालरोड पर भी वाहनों की आवाजाही के बीच लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मां शूलिनी मेले के बाद से अतिक्रमण के खिलाफ कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया, जिसके कारण समस्या लगातार बढ़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से किराया और अन्य शुल्क देकर अपनी दुकानों में कारोबार कर रहे हैं, जबकि रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण कर व्यवसाय कर रहे हैं। इससे उनके कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। व्यापार मंडल का कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर निगम से कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान कुशल जेठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम हर छह माह में केवल औपचारिक रूप से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाता है। एक-दो दिन की कार्रवाई के बाद रेहड़ी-फड़ी दोबारा लग जाती हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
नियमित अभियान चलाने की मांग
पूर्व व्यापार मंडल प्रधान कुशल जेठी ने कहा कि नगर निगम को समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने तहबाजारियों की पहचान और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच करने तथा अतिक्रमण से लोगों को हो रही परेशानियों का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
जल्द शुरू होगा अभियान
महापौर सुषमा शर्मा ने कहा कि नगर निगम जल्द ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू करेगा। दुकानों के बाहर सामान रखने वाले व्यापारियों से लेकर रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों तक सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मालरोड पर अवैध रूप से लगाए जा रहे स्टॉलों की भी जांच होगी और इस संबंध में पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।