भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग
हिल व्यू सोसायटी झाड़माजरी में चल रही भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। हिल व्यू आवासीय सोसायटी झाड़माजरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास जगमोहन दत्त शास्त्री ने कहा कि अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। किसी भी व्यक्ति को अपने पद, प्रतिष्ठा, ज्ञान व दौलत का अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। कथा में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। इस दौरान कृष्ण जन्मोत्सव पर पूरा पंडाल झूम उठा।
हिल व्यू सोसायटी के अध्यक्ष महेंद्र टंडन, दीप कुमार, आर्य, वासू जमवाल, पार्षद कुलदीप सिंह, महेश कौशल, सुनील शर्मा व कालिदास शर्मा उपस्थित रहे।