जिले में हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बरसात के मौसम में पौधों को रोपने का काम धड़ाधड़ चल रहा है। इसके साथ ही प्रशासन ने रोपे जाने वाले पौधों के प्रति जिम्मेदारी भी तय की है ताकि पौधे सुरक्षित रहें। सभी शिक्षण संस्थानों को यह बताना होगा कि वह कहां पौधारोपण करेंगे। इस बाबत प्रशासन ने नप को निर्देश दिए हैं कि वह शिक्षण संस्थानों से संपर्र्क कर इसकी जानकारी हासिल करें।
डीसी कार्यालय में पौधारोपण को लेकर बैठक भी की गई। इसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल की। इस मौके पर उन्होंने सभी जन प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थाओं तथा स्वयं सेवी संस्थाओं से अपील की कि पौधारोपण कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
सोलन जिला में इस बरसात में 686 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने नप तथा जन प्रतिनिधियों को स्वयं पौधा रोपण में भाग लेने के साथ विभिन्न शिक्षण संस्थाओं को पौधारोपण के लिए चार दिन के भीतर स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। पंचायतें मनरेगा, जलागम परियोजना, मध्य हिमालय परियोजना के साथ वन विभाग तथा नौणी विश्वविद्यालय के माध्यम से पौधा रोपण कार्यक्रम आयोजित करें। वन विभाग तथा डा. वाईएस परमार वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी द्वारा मात्र 10 से 25 रुपये के मूल्य पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे प्रदान किए जा रहे हैं।
डीसी राकेश कंवर ने कहा कि हर व्यक्ति को पौधा रोपण के साथ-साथ उसकी देखभाल का उत्तरदायित्व भी निभाना चाहिए। नौणी विश्वविद्यालय द्वारा मेरा गांव-मेरा गौरव योजना के तहत विभिन्न प्रजातियों के 10 से 25 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से बेचे जा रहे हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो. पीके खोसला ने कहा कि उनके विवि द्वारा भी 4 अगस्त को ही प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के नाम पर पौधा रोपण किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ठाकुर, खंड कांग्रेस अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य अरविंद्र गुप्ता, पर्यटन विकास निगम निदेशक मंडल के सदस्य सुरेंद्र सेठी, राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य सरदार सिंह ठाकुर, शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष जतिन साहनी, बीडीसी कंडाघाट की अध्यक्ष रीता ठाकुर, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, नगर परिषद के पार्षदगण, एडीएम संदीप नेगी, सहायक आयुक्त छवि नांटा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी यशपाल शर्मा, जिला के वन मंडल अधिकारी और ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुरेश सिंघा मौजूद रहे।