30 जुलाई तक शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी रिपोर्ट, कमजोर वर्गों के बच्चों देना होता है 25 प्रतिशत आरक्षण
शिक्षा विभाग स्कूलों प्रदान करता है संबंधित सीटों का खर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग ने जिला के निजी स्कूल प्रबंधकों से आरक्षित सीटों पर हुए दाखिले का ब्योरा मांगा है। इसकी रिपोर्ट प्रबंधकों को 30 जुलाई तक शिक्षा विभाग के कार्यालय में सौंपनी होगी। इसके अलावा स्कूल में नए दाखिलों की भी सूची देनी होगी। विभाग ने इसके लिए स्कूल प्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें शिक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण के बाद आरक्षण के तहत हुए दाखिलों का खर्चा भी प्रदान किया जाता है। जानकारी के अनुसार जिला सोलन के पहली से जमा दो कक्षा तक के सभी निजी स्कूलों में कमजोर वर्गों के बच्चों को 25 प्रतिशत आरक्षण देना होता है। ऐसा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जाएगी। निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालय में सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के उन छात्र-छात्राओं की सूचना तैयार रखेंगे जिन्हें योजना के तहत लाभ मिल रहा है। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए नए कितने विद्यार्थियों को आरक्षण के तहत प्रवेश दिया गया है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। जिला में कुल 268 निजी स्कूल पंजीकृत हैं, जिसमें 220 स्कूल माध्यमिक और 48 स्कूल प्राथमिक हैं। इन सभी स्कूलों को अपने परिसर के बाहर कमजोर वर्गों से चयनित विद्यार्थियों का ब्योरा अंकित करना होगा। उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधकों को आरक्षण के तहत पढ़ रहे और नई एडमिशन का ब्योरा विभाग को देना होगा। स्कूल परिसर के बाहर भी 25 प्रतिशत आरक्षण में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित करनी अनिवार्य होगी। निरीक्षण के बाद निजी स्कूलों को फंडिंग की जाएगी।