90 लाख लीटर पानी की जरूरत, छह से सात दिन बाद मिल रही सपलाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पिछले करीब एक माह से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। लोगों को अभी भी छह से सात दिन के अंतराल के बाद पानी की सप्लाई मिल रही है। हालात यह हैं कि लोगों को बाजार से पानी की बोतलें खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली योजनाओं में सिल्ट आना इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। शनिवार को भी जल शक्ति विभाग ने नगर निगम को 62.32 लाख लीटर पानी उपलब्ध करवाया, जबकि शहर में रोजाना 90 लाख से एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता है।
शहर की मुख्य पेयजल योजनाओं गिरि और अश्वनी खड्ड में गाद आने से पानी का वितरण शेड्यूल प्रभावित हुआ है। ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण योजनाओं में भारी मात्रा में मिट्टी और गाद आ रही है। इसके चलते शहर में पानी की सप्लाई का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ गया है। अब नगर निगम की ओर से कई वार्डों में आधी रात को भी पानी की सप्लाई दी जा रही है, जिससे लोगों में रोष है।
शहर में अलग-अलग लाइनों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। शनिवार को जवाहर पार्क लाइन से ओल्ड बस स्टैंड, शक्तिनगर, मालरोड, हनुमान मंदिर और बाबा बालक नाथ मंदिर तक पानी की आपूर्ति की गई। ओल्ड कथेड़ लाइन से चामुंडा कॉलोनी, मिलिट्री हाइट, अपर पीएनबी, डाउन पीएनबी और सब्जी मंडी क्षेत्र में पानी की सप्लाई दी गई। वहीं, न्यू कथेड़ लाइन से मेहरा साइड के क्षेत्रों में पानी पहुंचाया गया। टैंक लाइन से लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार, धोबीघाट, टैंक रोड, चंडी माता फ्लैट और सन्नी साइड के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की गई।
इनसेट
जरूरत के मुताबिक दी जा रही पानी की सप्लाई
शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है और लोगों की जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। शहर में पानी की कमी है, इसलिए लोग पानी का संयमित उपयोग करें।
- सुषमा शर्मा, महापौर, सोलन